ओप/सापानकोरबा : साल-दर-साल बढ़ते हाथी-मानव द्वन्द्व पर लगाम कसने एक नई संस्था की तैयारी की जा रही है। एक प्रभावित हाथी गांव में वन्यजीव पालन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। हाथी विचरण क्षेत्र में बौद्ध विहार को बढ़ावा देने के लिए हाथी विचरण क्षेत्र (आईएएस) ने उद्यानिकी विभाग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। मानव-हाथी द्वन्द्व निषेध की दिशा में प्रभावशाली कदम उठाने पर जोर देते हुए डेमोक्रेट की ओर से मंगलवार को इसके लिए सुमंगल जिला सांस्कृतिक समिति की बैठक हुई। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने जिलों के वन क्षेत्रों में हाथी-मानव द्वंद को कम करने और जंगली हाथियों से किसी तरह की जनहानी न हो, इस संबंध में प्रभावशाली कदम उठाने के निर्देश दिए।
किसानों को अच्छा लगेगा
कटघोरा वन मंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि हाथी मानव दंडवत निषेध विभाग द्वारा कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तरह से एक और प्रयास करने की तैयारी की जा रही है ताकि हाथियों के गांव में आध्यात्म की यादें कम हो जाएं और गांव के किसान इस प्रयास से अच्छी शुरुआत भी कर सकें।
कैसे मधुमखियां बचाएंगी लोगों की जान
डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि हाथी बहुत ही बुद्धिमान जानवर होता है। हाथी के सुनने और सुनने की क्षमता अत्यंत तीव्र होती है। हाथी मधुमक्खियां की भंभानाहट को दूर से ही सुन लेते हैं और खतरा महसूस होने लगता है। दूरी प्रस्थान चले जाते हैं. इस तरह के गांव में अब ग्रामीण पशुपालन कर हाथियों के हमलों से बच कर अच्छा मुनाफा भी कर सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 26 जनवरी, 2024, 17:46 IST
