रामकुमार नायक/रायपुर. सरगुजा तट पर शीत लहर के आपदाएं निर्मित हो गई हैं। पुरातत्व में पारा 4 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, राजधानी रायपुर में जनवरी माह की सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। यहां गुरुवार को न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ एच. पी. चंद्रा ने बताया कि आने वाले 48 घंटे तक के मौसम में कोई खास बदलाव के आसार नहीं हैं। लोगों को आने वाले एक-दो दिन तक कड़कड़ाती ठंड का सामना करना पड़ता है। पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर से आ रही रिवायत और ड्राई फ्लैट्स के कारण यह स्थिति निर्मित हो रही है।
समुद्र तट के बाद भी सुबह के समय डिस्प्ले की विजिबिलिटी 50 मीटर दर्ज की गई। सुरक्षा दृष्टि को ध्यान देते हुए अधिक कोहरे वाले क्षेत्र में ट्रेन 80 से 90 की सचिवालय में चली, इस वजह से अंबिकापुर एक्सप्रेस 10 बजे की जगह 11 बजे तक। समता और अमरकंटक एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से 4 घंटे की देरी से चल रही है। पेंड्रा और डोंगरगढ़ मार्ग में अधिक कोहरा होने से तय गति से कम में चालू किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- जब पाक ने कारगिल पर हमला किया, तो मेजर के मन के बाद भी मैदान में कूद पड़े, दुश्मनों के सिद्धांत नीचे दिए गए थे
27 जनवरी के बाद राहत
रायपुर में प्रातःकाल से कोहरा छाया हुआ है। इससे पहले गुरुवार को भी आकाश में कोहरा छाया रहा। रायपुर का अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है। सबसे ज्यादा तापमान बीजापुर में 29.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. 25 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के आगमन के बाद 27 जनवरी को पुनः पश्चिमी विक्षोभ के आने का खतरा है। इसके बाद ही न्यूनतम न्यूनतम तापमान में राहत मिली।
.
टैग: मौसम में बदलाव, छत्तीसगढ़ समाचार, स्थानीय18, रायपुर समाचार
पहले प्रकाशित : 26 जनवरी, 2024, 12:21 IST
