(श्रवण महंत), अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 28 जनवरी को स्मारक की अंतिम यात्रा का आयोजन किया गया था। पुलिस ने इस हत्याकांड का राज खोला है। उसके नाबालिग दोस्त ने ही उसकी ग्लास शॉप की हत्या की थी। मृतक ने अपने दोस्त के साथ अपने सुपरमार्केट का काम शुरू कर दिया था। इस बात से वह बॉक्स ऑफिस गयी थी. उसने दोस्त का मजाक उड़ाकर एक अहाते के पास फेंक दिया था। उसने दोस्त की हत्या कहीं और की और फिर उसके अवशेषों को डोकर दूसरी जगह पर डाल दिया। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में और भी खुलासा होने की संभावना है. मृतक की मौत के बाद उसका घर बनाया गया है।
मृतक की पहचान आशीष लकड़ा के रूप में हुई है। वैज्ञानिक है कि, 28 जनवरी की सुबह कुछ लोग मॉस्को स्टेशन के पास से गुजर रहे थे। यहां स्टेशन के पास ही एक अहाता है। लोग जब यहां पहुंचे तो उनका एक निधन हो गया। उसे देखकर उसके चेहरे उड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने देखा कि मृतक की आंख के आसपास चोट के निशान थे। इसके बाद पुलिस ने नोएडा के आसपास छापा मारा। चौथा, शव अंतिम अवस्था में था इसलिए पुलिस ने इसे हत्या माना। पुलिस ने इंस्टेंट टेक्निकल साइंस लैब और डॉग स्क्वेड की टीम को मौके पर बुलाया।
कई जगह मिले खून के धब्बे
वैज्ञानिक विज्ञान प्रयोगशाला को मशीनरी से और आसपास के खेतों में कई आंकड़े मिले। इससे पुलिस को खतरा हुआ कि मृतक की हत्या का अपराधी पर नहीं, बल्कि कहीं और गया है। उसे फिर यहाँ लाया गया है। अविश्वास ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए ये कदम उठाया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पूरी तरह से पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने मृतक आशीष लकड़ा के शवों और दोस्तों के बारे में बयान लेना शुरू किया।
दोस्त ने इसलिए की दोस्त की हत्या
इस बीच उसे एक दोस्त की कहानी हकीकत लगी। पुलिस ने उसे पूछताछ में लेकर पूछताछ की तो उसने राज खोल दिया। उसने बताया कि आशीष और उसकी गर्लफ्रेंड के बीच बातचीत हुई थी। इसलिए उसने उसे रास्ते से हटाने का सोचा। वह उसे एक जगह ले गया और उसका ग्लास घोंट दिया। हत्या के बाद उनकी अंत्येष्टि को ढोलकर मठ के पास स्थित अहाते में फेंक दिया गया।
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पहले प्रकाशित : 29 जनवरी, 2024, 11:35 IST
