संजय यादव/बाराबंकी: रामबाण का आयुर्वेदिक इलाज बहुत ही गंभीर और गंभीर माना जाता है। यही वजह है कि प्रिय लोग देसी बूटियां का इस्तेमाल करके निरोगी हो रहे हैं। आयुर्वेद में एक ऐसी ही जड़ी बूटी कुकरौंदा है, जो जोड़ों, बुखार, अल्सर, घावों की सूजन, पेट में सूजन, बवासीर जैसी गंभीर समस्याओं के लिए है।
कुकरौंदा एक ऐसा पौधा है, जो हर देश में हर जगह पाया जाता है। यह सिर्फ खेत खलिहान और जंगल नहीं बल्कि घर के आसपास खाली जमीन पर आसानी से मिल जाएगा। यह पौधा एक से पैर तक होता है। इसकी विशेषताएं और विशेषताएं हैं। स्ट्रॉबेरी जिला अस्पताल के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा ने बताया कि कुकरौंधा के उपचार में बहुत सारे एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं। इसी वजह से यह शरीर में घाव, सूजन और बवासीर की समस्या का खतरा देता है।
खांसी, सर्दी और दर्द
डॉक्टर अमित वर्मा ने बताया कि खांसी, सर्दी, बुखार में इसका सेवन करने से बहुत फायदा होता है। इसके अलावा इसके इंकैन्ट का लेप लिवर, शरीर के घाव, दादू, फंगल इंफेक्शन से अल्ट्रासाउंड होता है। साथ ही बताया कि अगर छोटे बच्चे को बुखार हो या फिर सिर दर्द हो तो कुकरौंदा के टीचर का रस शहद के साथ गर्म करके पतला और आकर्षक दिखने से लाभ मिलता है। वहीं, बड़ा मसाला हो तो कुकरौंदा के दुकानदारों का रस शहद के साथ बुखार के साथ ठंड की छुट्टी हो जाती है।
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पहले प्रकाशित : 29 जनवरी, 2024, 17:45 IST
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