तनुज पाण्डे/आदिवासी। आज के समय में युवाओं के लिए तंबाकू का सेवन एक फैशन बनता जा रहा है। लेकिन टॉक्सिक का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक होता है। अगर सिलिकॉन के सेवन पर नियंत्रण न किया जाए तो ये साबित हो सकता है। टॉक्सिक के सेवन से मुंह, गला, फेफड़ा, कंठ, पेट की नली, किडनी का कैंसर हो सकता है। कई असहिष्णुता और जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से भी लोगों को धूम्रपान से बचने के लिए सलाह दी जाती है। फिर भी इसके तंबाकू का सेवन करने वालों की दिन संख्या प्रतिदिन आधी जा रही है।
ऐसे में सिर्फ पुरुषों की संख्या में ही अनुपात नहीं हो रहा है बल्कि महिलाओं में तंबाकू सेवन की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। जिस वजह से उनका स्वास्थ्य पर भी तंबाकू से होने वाला खतरा मंडरा रहा है। के एडवेंचर्स के बीड़ी पांडे जिला अस्पताल में रोज़ एक किसान से भी अधिक मरीज आ रहे हैं और ये सभी महिलाएं हैं, जो मठों में रहती हैं और लंबे समय से बीड़ी, पिज्जा आदि का सेवन उत्तराखंड कर रही हैं।
7000 केमिकल में एक सिग्मा
बीडीओपेंज अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधांशु सिंह ने बताया कि धूम्रपान के मामले सबसे ज्यादा हैं। उनके पास रोज़ एक रोज़गार से भी अधिक मरीज़ ऐसे आ रहे हैं, जो धूम्रपान करते हैं। इनमें से अधिकतर उम्र की महिलाएं हैं। कुछ महिलाएँ सॉसेज़ रॉबने जैसी लता भी हैं। उन्होंने बताया कि एक सीताफल में 7000 केमिकल होते हैं। इसमें 70 केमिकल से बेहद टॉक्सिक और कैंसर जैसी बीमारी को जन्म दिया गया है। धूम्रपान या धूम्रपान के सेवन की वजह से ये केमिकल सीधे फेफड़े में चला जाता है और खून के साथ मिलकर रक्त वाहिकाओं के मार्ग को संरा कर देता है, अध्ययन के कारण से खून का फ्लो धीमा हो जाता है और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
पहाड़ों में ठंड के कारण खून हो जाता है
डॉ. सुधांशु का कहना है कि पहाड़ों में ठंड के कारण होने वाले बैक्टीरिया को आम तौर पर देखा जा रहा है और अगर ऐसे मामलों में आप धूम्रपान करते हैं, तो हार्ट अटैक और दिल की बीमारी का खतरा और भी बढ़ जाता है। वहीं महिलाओं में धूम्रपान से होने वाला खतरा और भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक उम्र के बाद हमारे दिल के चैंबर का आकार बढ़ जाता है, जिसकी वजह से दिल की आंखें भी बढ़ जाती हैं और ऐसे में दिल की ललक का खतरा बन जाता है। यदि आप हृदय संबंधी बीमारी से ग्रस्त हैं, तो आपको नियमित रूप से नियमित रूप से ले जाना चाहिए। साथ ही धूम्रपान से बचना चाहिए।
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पहले प्रकाशित : 29 जनवरी, 2024, 20:05 IST
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