आशीष शौकत/बागपत:आयुर्वेद में चिलगोजा को सुपर फूड में शामिल किया गया है। यह शरीर को सजावट बनाने के साथ-साथ पेट को मापता है। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम और प्रोटीन की प्रचुर मात्रा होती है, जो शरीर के लिए चमक का काम करती है। इसका नियमित उपयोग करने से व्यक्ति का पेट स्वस्थ रहता है और शरीर स्वस्थ रहता है।
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी ने बताया कि आयुर्वेद में चिलगोजा को सुपर फूड में शामिल किया गया है। इसके दूध का इस्तेमाल किया जाए तो इसके हैरान कर देने वाले फायदे शरीर पर दिखने लगते हैं और एक हफ्ते में शरीर पर असर दिखने लगता है। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा होती है, जिससे यह शरीर को बनाता है और शारीरिक कमजोरी को मात्र 15 दिन में ठीक कर देता है। वहीं इसमें पेट संबंधी विकारों में लाभ होता है और पेट एकदम सही रहता है।
पूर्वी देशों में उपयोग से अधिक लाभ होता है
डॉ. राघवेन्द्र चौधरी ने बताया कि समुद्र में इसके प्रयोग से अधिक लाभ होता है। इसका नियमित उपयोग करने से आपका शरीर पूरी तरह स्वस्थ रहता है। इसका दूध के साथ रात में इस्तेमाल करना और भी जादुई होता है। चिलगोजा किसी भी पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाता है और यह सस्ते होने के साथ-साथ हर व्यक्ति की पहुंच में रहता है। जिसे आप इस्तेमाल करके अपने शरीर को बलदा ही और पेट को माप सकते हैं।
.
पहले प्रकाशित : 1 फरवरी, 2024, 17:41 IST
