Homeछत्तीसगढ़फौजी-बेटा-पहुंचा-गांव-सेवानिवृत्ति-वर्ष-साल-लोगों-ने-किया-घरों-में-स्वागत-उत्सव-मनाया- News18 हिंदी

फौजी-बेटा-पहुंचा-गांव-सेवानिवृत्ति-वर्ष-साल-लोगों-ने-किया-घरों-में-स्वागत-उत्सव-मनाया- News18 हिंदी


अनूप/कोरबाः- साहस और शौर्य के लिए समर्पित कर देने की शपथ को लेकर एक साहस ने भारतीय सेना में अपना भविष्य चुना। कठिन प्रशिक्षण ली और देश के अनेक सरहदों पर सीना ताने हिफाजत का समर्थन उठाया। इस बीच कई ऐसी विकट बधाइयाँ आई, जब उन्होंने एक फौजी का कर्तव्य, दान के साथ पूरा किया। कठिन परिस्थितियों में जब साथियों के साथ वो अपनी स्कूटी पर खड़े थे, तो दूसरी तरफ नारियल की बारिश हो रही थी। उन्होंने कई बार ऐसे साहस का परिचय दिया, जब घुसपैठिए देश की जमीन पर नापाकस्टेप को बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे। दुश्मनों को अपनी जवाबी हथियार से पीछे की ओर ले जाया गया और दुश्मनों को हथियारबंद कर दिया गया। 24 साल के सैनिकों के धर्म अभिनेता के बाद कोरबा के वीर सपूत की घर वापसी हुई, तो स्वागत के लिए सारा गांव में बाढ़ आ गई। बैंड-बाजे के साथ विजय रैली निकाली गई और धाम-धाम से उनका अभिनंदन किया गया।

सेना में योगदान घर के स्वामित्व वाले मेजर गोवर्धन प्रसाद सोनी
जिले के वनांचल ग्राम कोरकोमा में भारतीय सेना की सेवा पूरी तरह से बैटरी हवलदार मेजर (बीएचएम) गोवर्धन प्रसाद सोनी द्वारा अपने गांव वापस ले ली गई है। उनके आगमन की सूचना पुरा गाँव रेलवे स्टेशन पहुँची। रेलगाड़ी से उतरते समय ही राजधानी की राजधानी बन गई, लोगों ने उन्हें कंधे पर उठाया और खुशियां मनाते हुए उन्हें गांव ले आए। इस वीर सपूत के अभिनंदन के उत्सव में हर कोई पूरे उत्साह के साथ शरीक हुआ। बैंड-बाजे के साथ विजय रैली निकाली गई और लोगों ने उन्हें नाचते-गाते घर बनाए रखा।

इस दौरान गांव में एक ऐसा माहौल बन गया, जैसे आज घर-घर कोई त्यौहार मनाया जा रहा हो। बंधक फौजी श्री सोनी, कोरकोमा के कॉन्स्टैंट स्व. गंगाप्रसाद सोनी व स्व. श्रीमती उत्तमाबाई सोनी के सबसे छोटे बेटे हैं। जब वे सातवीं कक्षा में थे, तभी माँ को छूट मिल गई। इस बीच फौजी की सेनाओं ने उन्हें आकर्षित किया और उन्होंने सेना में वीरता को अपना लक्ष्य बना लिया। इसके लिए हवलदार मेजर (बीएचएम) गोवर्धन प्रसाद ने कड़ी मेहनत की और व्यवसाय में भाग लिया। उन्होंने अपना सपना तो हासिल ही कर लिया, अब सेवा के चौबीस साल पूरे कर घर वापसी भी की। सेना की सेवा के दौरान वे कूपवेअर और पंच-राजसौरी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी रहे।

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जम्मू-कश्मीर में दो बार पोस्टिंग
श्री सोनी ने भारतीय थालसेना में सेवा के दौरान देश की अलग-अलग जगहों की सेवा की। जम्मू कश्मीर के उद्घाटन समारोह में अपना कर्तव्य निभाया। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में भी हंसते हुए काम करना सैनिकों का कर्तव्य होता है। श्री सोनी ने इस बात पर चिंता जताई कि वर्तमान में युवाओं की बड़ी संख्या में नशे की लत में जीवन नष्ट कर रहे हैं, जो देश और समाज के लिए गंभीर परेशानी है। युवाओं को शारीरिक फिटनेस के साथ भारतीय सेना में आने के लिए प्रयास करना चाहिए। सैनिकों की क्षमता और शारीरिक स्वास्थ्य ही सेना की ताकतें हैं।

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