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शरीर के इस अंग में होती है सबसे छोटी हड्डी, लंबाई सिर्फ 0.1 इंच, डैमेज होने पर जिंदगी भर चर्चा


उत्तर

हमारी हड्डी की हड्डी सबसे लंबी और कान की हड्डी सबसे छोटी होती है।
कान की स्टेपस हड्डी को मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी माना जाता है।

कान की सबसे छोटी हड्डी: एक वयस्क के शरीर में कुल 206 हड्डियाँ होती हैं, जो अलग-अलग आकार की होती हैं। अब तक आपने सुना होगा कि हमारे दांतों की हड्डी शरीर में सबसे बड़ी होती है और इसे फीमर (फीमर) कहा जाता है। यह शरीर की सबसे बड़ी और सबसे मजबूत हड्डी मानी जाती है। इसकी लंबाई करीब 13 से 18 इंच के आसपास है. क्या आप जानते हैं कि शरीर की सबसे छोटी हड्डी किस अंग में होती है? कई लोगों को इस सवाल का जवाब नहीं पता होगा. बाकी की हड्डी तो हमारे कान की स्टेप्स (स्टेप्स) हड्डी शरीर की सबसे छोटी हड्डी होती है। इसका आकार छोटा होता है कि आप इसे अपनी उंगली टिप पर रख सकते हैं। जुड़े हुए स्टेप्स हड्डी से जुड़े कुछ तथ्य जान लें।

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (एनसीबीआई) की रिपोर्ट स्टेपस हड्डी के अनुसार हमारे कान मध्य में होते हैं और मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी होती है। इसका आकार बात की जाए, तो स्टेपस हड्डी का डायमीटर करीब 1.14 मिमी यानी 0.05 इंच होता है। इस हड्डी की लंबाई करीब 2 से 3 मिमी के आसपास है। अगर इंच में देखा जाए, तो यह हड्डी 0.1 इंच के बराबर होती है। यह जानने के लिए कि यह कितना छोटा है, हमारे मोबाइल फोन के लिए आपके लिए जरूरी है। स्टेपस हड्डी की वजह से ही स्ट्रेचर की फैंटेसी ठीक रहती है और हमें सही तरीके से बताया गया है। अगर कान की यह हड्डी टूट जाए, तो व्यक्ति बाहर हो सकता है। यही कारण है कि इस हड्डी को ठीक करना बेहद जरूरी माना जाता है।

हेल्थलाइन की रिपोर्ट ब्रेन के अनुसार हमारे तक पहुंचने से पहले साउंड वेव्स कान के मैकेनिक कैनाल में आते हैं और ईयरड्रम से होते हुए मिडिल ईयर कंपार्टमेंट में चले गए हैं। इसी क्षेत्र में सबसे छोटी हड्डी का स्टेपस होता है। मिडिल कंपार्टमेंट में पहुंचने के बाद साउंड वेव्स यहां के ट्राइबल्स मेलियस (मैलियस), इंकस (इंकस) और स्टेपस (स्टेप्स) को बाइब्रेट करते हैं। स्टेपस साउंड वेव्स को प्लेट बेस तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद बाइबिशन इनर ईयर तक का खुलासा होता है, जहां यह न्यूरल डेटा कन्वर्ट होता है। यह डेटा कोक्लेयर (कर्णावत) और बॅकॅरी नर्व (श्रवण तंत्रिका) के माध्यम से ब्रेन तक प्रदर्शित होता है। इस तरह की हमारी आवाज पूरी तरह से अलग है। यदि कान की हड्डी का एक भी हिस्सा खराब हो जाए, तो सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

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