रिपोर्ट-सुमित राजपूत
. इन दिनों सर्वाइकल कैंसर और पैंडाल चर्चा में हैं। सर्वाइकल कैंसर सिद्धांत है. लेकिन जागरुकता और समय पर इलाज के कारण इस बीमारी पर जीत हासिल की जा सकती है। हम आज आपको बताते हैं इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियां और इसे दूर करने के उपाय।
सर्वाइकल कैंसर खतरनाक जरूर है लेकिन लीलाज नहीं। ये सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी हो सकते हैं. अगर इस समय ध्यान न दिया जाए तो यह किसी भी महिला या पुरुष की मृत्यु का कारण बन सकता है।
इस बीमारी के बारे में सीनियर सिंगिंगरेक एसोसिएटेड डॉक्टर रीडर मीरा का कहना है, यह बिल्कुल गलत है कि सरवाइकल कैंसर सिर्फ महिलाओं को होता है। अधिकांश कैंसर मल्टीपल सेक्स और एचपीवी के साथ-साथ शराब पीना या फिर धूम्रपान करना भी संभव है। ये कैंसर पुरुषों में भी संभव है।
क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल लाखों महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है। एक बड़ा पात्र हमारी भारतीय महिलाओं का है। हाल ही में पहले पैनो पैंडेज़ की मौत के बारे में एक्स पर आई खबर और फिर वित्त मंत्री ने अंतरिम बजट में 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए मुफ्त कमेंट्री का प्रस्ताव रखा। विद्वानों की राय तो एशिया में यह कैंसर सबसे ज्यादा महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण होता है।
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पुरुषों में भी होता है सर्वाइकल कैंसर
इस सैद्धांतिक बीमारी के बारे में कई गलत फहमियां भी हैं। लोगों का मानना है कि सर्वाइकल कैंसर सिर्फ महिलाओं को होता है। लेकिन कहावत है, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी हो सकता है। सर्वाइकल कैंसर, मुंह, दांत और यौन सक्रियता के कारण मायरोन पेपिलोमा वायरल प्रभाव होता है, जो कोई भी अपनी उंगली में ले सकता है।
धूम्रपान और शराब से दूर रहो
डॉक्टर मीरा पाठक के अनुसार सर्वाइकल कैंसर 90% महिलाओं के अंदर होता है, जबकि 10% पुरुषों में भी इसके होने की संभावना होती है। एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) माउथ टू माउथ और सेक्सुअल एक्टिविटीज के साथ अर्ली डायरे या फिर मल्टीपाल नागपुर के साथ सेक्स करने का कारण बना हुआ है। यदि कोई पुरुष या महिला अधिक मात्रा में धूम्रपान या फिर सिगरेट का सेवन करता है तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और यह वायरस तेजी से असर करता है।
कई बार पता नहीं चलने के लक्षण
डॉक्टर बोस सावधान कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इसका समय पर इलाज या फिर जांच नहीं कराई गई तो यह गंभीर बीमारी भी हो जाती है। कई बार इसके लक्षण पता ही नहीं चलते। इसलिए समय पर जांच जरूरी है.
सर्वाइकल कैंसर से बचाव का घरेलू उपाय
सिंगिंग लिंक डॉक्टर मीरा पाठक ने बताया कि सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को इसकी प्रतिनियुक्ति करनी चाहिए। शुरुआत से ही व्यायाम करने के साथ-साथ खाने वालों का ध्यान रखें, ताकि उनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो। हर रोज व्यायाम के साथ सुबह जरूर चलें।
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पहले प्रकाशित : 6 फरवरी, 2024, 21:07 IST
