सौरभ वर्मा/रायबरेली: हमारे आस-पास मौजूद बहुत से पेड़-पौधे अपना अलग महत्व रखते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक उपाय के बारे में बता रहे हैं। लकड़ी का उपयोग आम तौर पर लोग फर्नीचर बनाने में करते हैं लेकिन आयुर्वेद में इसका एक अलग ही महत्व है। इसके फायदे हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाजवाब हैं। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो कई बड़े से बड़े उपचार में हानिकारक साबित हो सकते हैं।
असल में, हम बात कर रहे हैं शीशम के पेड़ की प्रयुक्त लकड़ी को आम तौर पर लोग फर्नीचर बनाने में इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसके फल और बीज हमारे लिए बेहद शानदार होते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. स्मिता शास्त्री का कहना है कि शीशम की शेष राशि में एंटीऑक्सीडेंट गुण, मैग्नीशियम, आयरन का अच्छा स्रोत होता है जो हमें कई शेयरों से उबरने में मदद करता है। खासकर गर्भावस्था वाली महिलाओं को अगर ब्लीडिंग की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है तो उन्हें शीशम के पत्तों का पानी और गोखरू का पानी पिएं, उन्हें जल्द ही राहत मिलेगी।
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ऐसे करें उपयोग
आयुर्वेदिक एनालिटिक्स शिवगढ़ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मिता शास्त्री का कहना है कि जिन महिलाओं में ब्लीडिंग की समस्या होती है या लिकोरिया की समस्या होती है तो 10 से 15 दिनों तक पिकर का सेवन करें। अधिक गर्मी लगे या फिर हाथों में पानी आने पर उसके बचे हुए को पीसकर शरबत छोड़ दें, जले कटे स्थान पर उसके पत्ते पीसकर ले जाने से भी काफी राहत मिलती है। जिन लोगों की समस्या है उनकी समस्या यह है कि वह अपने 10 से 15 मजदूरों को सुबह-शाम पिसकर उन्हें उनकी बीमारी से राहत दिलाते हैं।
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पहले प्रकाशित : 7 फरवरी, 2024, 16:19 IST
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सिद्धांतों से जुड़ी बातचीत का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से सलाह के बाद ही किसी चीज का उपयोग करें। लोकल-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
