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सांप से जुड़ी है इस औषधि की कहानी, रामबाण में कैंसर के कई सिद्धांत


सन्नन्दन उपाध्याय/बलिया: धरती एक से एक जीवनदायनी औषधि का भंडार है। लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण संजीवनी बूटी के जैसे ये औषधीय स्थान घर का शोभा बढ़ाता है तो कहीं जंगल झाड़-झंखाड़ के रूप में भरा पड़ा रहता है। आज हम आपको एक ऐसी दवा के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कहानी ही सांप से शुरू होती है। इस औषधीय पेड़ को सप्तपर्णी के नाम से जाना जाता है। एंटी-माइबियल, एंटी-माइक्रोबायल और एंटी-मलेरियल नामक तथ्य पाए जाते हैं जो कि खतरनाक और खतरनाक होते हैं। यह सांप काटने वाला से लेकर कैंसर और मलेरिया के लिए काफी उपयोगी है। इस औषधि का प्रयोग प्राचीन काल से ही होता आ रहा है।

आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह ने कहा कि ये औषधि काफी स्टाइलिश और पुरानी है। जानिए सप्तपर्णी के नाम. यह कैंसर, मलेरियल और सांप जैसे कई गंभीर खतरे के लिए बेहद और खतरनाक है। इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं इसलिए आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लेकर ही उपयोग करें।

ये है ये औषधि, महत्वपूर्ण, उपयोगी और उपयोगी
सरकारी विश्लेषण आयुर्वेदिक बलिया की चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंक सिंह बताते हैं कि आयुर्वेद में सप्तपर्णी औषधि का बहुत अधिक उपयोग होता है। विभिन्न प्रकार की शर्तों में बहुत पहले से इसका प्रयोग होता आ रहा है। पहले स्नेक कटर में इसका बहुत अधिक उपयोग एंटीडोट के रूप में किया जाता है। किसी को दस्तखत बहुत ज्यादा हो रहा है तो इसके छात्रों का आर्क स्टूडियो से दस्ताना बिल्कुल सामान्य तौर पर रुका हुआ है। इसमें एंटी माइक्रोबियल, एंटी प्रोटिक और एंटी मलेरियल होता है जो मलेरियल में बहुत अच्छा काम करता है। यह इम्यूनिटी सिस्टम बहुत मजबूत होता है जिससे अन्य विक्रेताओं से भी लड़ने की क्षमता शरीर को मिल जाती है। इसके कैंसर पर भी बहुत ज्यादा रिसर्च चल रही है। यह कैंसर में बहुत उपयोगी है. हाई ब्लड सप्लाई कम होती है. इसके छात्र से जो आर्क नक्षत्र है वह त्वचा के लिए भी काफी होता है। मछली खाने वाली महिलाओं के लिए यह बेहद और चमत्कारी है।

औषधीय गुणों के साथ सप्तपर्णी के दुष्प्रभाव भी
सप्तपर्णी के साइड इफेक्ट भी हैं अगर लंबे समय से कोई बीमारी हो या इलाज चल रहा हो तो इसका सेवन न करें। इसके प्रयोग से एलर्जी हो सकती है, इसलिए इसका प्रयोग आयुर्वेद चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही करें, अन्यथा स्थिति में लाभ की जगह नुकसान भी हो सकता है। सप्तपर्णी की सही मात्रा, आयु और बीमारी का हिसाब एक आयुर्वेदिक चिकित्सक से ही तय किया जा सकता है।

टैग: स्वास्थ्य, स्थानीय18

अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सिद्धांतों से जुड़ी बातचीत का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से सलाह के बाद ही किसी चीज का उपयोग करें। लोकल-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।



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