आकाश शुक्ला
रायपुर. छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया। लोकसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट पेश किया। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार पेपरलेस डिजिटल बजट पेश हुआ। वित्त मंत्री चौधरी चौधरी के बजट ब्रीफकेस में छत्तीसगढ़ की आदिम जनजाति कला की प्रसिद्ध पहचान ‘ढोकरा शिल्प’ की झलक देखने को मिली। भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीरें पर संक्षिप्त जानकारी। बजट में सरकार ने हर वर्ग के लिए कुछ ना कुछ घोषणाएं की हैं. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपना पहला बजट एक लाख 47 हजार 500 करोड़ रुपये पेश किया है।
यह पुरालेख सरकार से 22 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री चौधरी चौधरी का यह बजट ‘ज्ञान’ यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित है। वित्त मंत्री चौधरी चौधरी ने कहा कि कृषि बजट में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कुनकुरी, रामचन्द्रपुर, खडग़ान, शिलफिली में कृषि एवं उद्यानिकी महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। दुर्ग और सरगुजा जिले में कृषि मशीनरी कार्यालय बनाये जायेंगे।
नवीन बैठक में बड़ा निर्णय
बजट के बाद साय सरकार की अहम बैठक हुई। सरकार ने राजिम कुंभ (कल्प) मेले को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं राजिम पुन्नी मेला की जगह अब राजिम कुंभ (कल्प) मेले का नाम होगा। राजिम विधायक रोहित साहू ने कहा कि भाजपा सरकार में महतारी वंदन योजना, आवास योजना समेत मोदी की हर भलाई का फायदा अब लोगों से मिलना शुरू हो गया है। जो वादा हमने जनता के साथ किया था, उन वादों को पूरा किया और यह छत्तीसगढ़ के बजट में भी देखने को मिल रहा है। शासनादेश द्वारा शासनादेश का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि शासनादेश का लाभ हर व्यक्ति को मिल सके।
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पहले प्रकाशित : 9 फरवरी, 2024, 17:02 IST
