आलू के छिलके के फायदे: आलू ऐसी सब्जी है जो भारत में सबसे आम है और आए दिन घरों में बनी रहती है। हालाँकि बाकी लोग अपने घर में आलू को छीलकर और उसके छिलके निकालकर ही प्रयोग करते हैं। इस दौरान आलू के छिलके को फेंक दिया जाता है लेकिन आपको आश्रम के बारे में पता चल जाएगा कि जिस आलू के छिलके को आप फेंक रहे हैं वह न्यूक्यूट्रिएंट्स का पावर हाउस है। रहस्योद्घाटन में प्रसिद्ध पोषण तत्त्व मौजूद होते हैं। आलू को बिना छिलके निकाले ही खाना चाहिए। आइये जानते हैं इसके बारे में..
सेंट्रल पेटेटो रिसर्च वैल्यूएशन पटना में वैज्ञानिक रहे शंभु कुमार कहते हैं कि आलू के छिलके में लोहा, लोहा, कैल्शियम, कॉपर, फास्फोरस और जिंक पाया जाता है। वहीं लाल आलू के छिलकों में भी एंथोसायनिन पिगमेंट, एंटी ऑक्टेरियोडेंट, विटामिन सी और बी कॉम नामले जिंक और लैक्टोरोजेनिक एसिड भी भारी मात्रा में पाया जाता है। अगर आप पके हुए आलू सहित आलू खाते हैं तो आपके शरीर में ये तश्तरी भी हैं।
आखिर क्या फायदे हैं?
शंभू कुमार कहते हैं कि अगर आप आलू का छिलका निकालकर खाते हैं तो आपको कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। वहीं, आलू खाने के साथ मौजूद न्यूक्यूट्रिएंट्स आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। साथ ही विटामिन और सी-बाध्यकारी मसालों को बढ़ने से रोका जाता है और बोन डेन्सिटी को बनाए रखा जाता है। क्युकी का एंटीबैक प्लांटिरियल गुण फेनोलिक और एंटी ऑसोडिडेंट्स सिद्धांतचा के कालेपन और डैग-डी फिजियोडेंट्स को भी दूर किया जाता है। खुर्जेट में मौजूद आयरन प्रोजेक्ट से साकिर और कसाई कबाड़ को दूर किया जाता है।
किस चीज़ को कोई सार्थक
हमेशा जारी रहता है कि अगर हरा आलू है तो हरे आलू के स्वाद को ही नहीं, बल्कि वह आलू को भी न स्थूल। आलू के प्रकाश में आने से ऑक्सिकिटो अल्कलाइड्स का निर्माण हो जाता है जो कि आसामी त का सिद्धांत है। यह न आग पर पक्का है और न ही पचता है। यह आलू के नुकसान का खुलासा करता है। इसलिए हमेशा आलू को अपने भोजन में गाजर के साथ ही शामिल करें।
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पहले प्रकाशित : 10 फरवरी, 2024, 16:47 IST
