रामकुमार नायक/रायपुरः गुप्त नवरात्रि पर राजधानी रायपुर के देवी पूजन में 10 फरवरी से नौ दिनों तक मां दुर्गा की अलग-अलग तरह की मनाई जाएगी। माघ नवरात्रि को तंत्र-मंत्र और सिद्धि प्राप्त करने का विशेष महत्व माना गया है। कोरोना के बाद महामाया मंदिर में पहली बार श्री दिव्य रुद्र महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। 9 दिनों तक चलने वाले अनुष्ठान को लेकर मंदिर में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मंदिर परिसर में यज्ञ कुंड बनकर तैयार हो रहा है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न अनुष्ठानों से 17 पुरोहित शामिल होंगे।
यज्ञ स्थल को रामायण काल की प्रतिज्ञा पर कुटिया के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है। लकड़ी और दुकान से कुटिया तैयारी की जा रही है। जिसके नीचे पुरोहित दैनिक यज्ञ पूजन करेंगे। पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार, यज्ञ पं. राजेंद्र प्रसाद तिवारी के पद पर आसीन होंगे। कोरोना के बाद से यंत्र पूजन का आयोजन नहीं हुआ था. श्री दिव्य रुद्र महायज्ञ से ना सिर्फ हिंदू धर्म की परंपरा को बल मिलता है, बल्कि पर्यावरण भी शुद्ध होता है। पुण्य फल भी है. इस दौरान महामाया देवी मंदिर में माता का विशेष श्रृंगार भी होता है।
गुप्त साधना से माता होती हैं आकर्षक
गुप्त नवरात्रि में गुप्त रूप से भक्त माता की पूजा होती है। मंदिर में ज्योत की स्थापना भी की जाती है। पुजारी मनोज शुक्ला का कहना है, इस नवरात्रि में गुप्त साधना से माता की शोभा होती है। योग में मां की पूजा- आराधना से कष्ट दूर होंगे। गुप्त तरीकों से की जाती है पूजा. यह नवरात्रि के लिए तंत्र-मंत्र और सिद्धि बेहद जरूरी हैं। कंकाली माता मंदिर में गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक, साधक व अघोरी तंत्र-मंत्र व सिद्धि प्राप्त करने के लिए मां की साधना करते हैं। इन नवरात्रि में मां की आराधना से सारे दुख दूर हो जाते हैं।
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पहले प्रकाशित : फ़रवरी 10, 2024, 12:36 IST
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