नायडू नायडू
जगदपुर. 11 मई 2014 को सुकमा जिले के टाहक्वार्ड में विस्फोटकों पर बड़ा हमला बोला गया था और इसमें 15 विस्फोटकों की मौत हो गई थी। अब मामले में सम्राट कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने जजमेंट में 4 चतुर्थ को एलियंस की सजा सुनाई है। वहीं 11 अलग-अलग धाराओं में चारों को सजा मिली है। इस घटना में 84 गवाहों की गवाही दर्ज की गई थी।
सुकमा जिले के टाहक वाॅर्ड में बड़ा हमला हुआ था जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्राकृतिक कोर्ट का यह पहला और बड़ा फैसला है। 4 पादरी महादेव नाग, दयाराम बाघल, मनीराम कोर्राम, और कवासी जोगा को दोषी ठहराया गया और सभी को अदालत ने किशोर किशोर की सजा सुनाई।
किसी भी पेशेवर हमले में शामिल थे दादाजी, समलैंगिकों की सजा की निंदा की गई
डेमोक्रेट के विशेष लोक अभियोजक दिनेश पाणिग्रही ने बताया कि डेमोक्रेट ने सभी स्मारकों पर और घटना में चारों की निंदा की थी जिसके बाद कोर्ट ने यह निर्णय दिया है। दस्तावेज़ अधिनियम की धारा सहित अन्य धाराओं के अंतर्गत चारों दीवारों को अन्य पार्टियों की सज़ा मिली है।

धोखेबाज़ ने देश की रक्षा करने वाले सोलो की हत्या की थी
दस्तावेज़ ने बताया कि इस मामले में दस लाख से अधिक की आय चल रही थी। अब विध्वंस की विशेष अदालत ने हमलों के दोषियों को सजा सुनाई। अदालत ने माना कि निर्दोषों ने हिंसा की और देश की रक्षा करने वाले दंगों पर हमला करते हुए अपनी हत्या की। सभी को अलग-अलग धाराओं के तहत सजा दी गई है। प्रतिष्ठा को आयु वर्ग की सज़ा और घटिया की सज़ा दी गई है। इस आतंकवादी हमलों पर जोरदार हमला रमन सिंह ने कहा था कि सुकमा के आतंकवादी हमलों पर कड़ी कार्रवाई होगी और निर्दोष को मजबूत सजा दिलवाई जाएगी।
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पहले प्रकाशित : फ़रवरी 12, 2024, 18:09 IST
