विशाल भटनागर/मेरठ. प्रकृति में काफी ऐसे पेड़ हैं जो धार्मिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से काफी अहम स्थान रखते हैं। कुछ इसी तरह का वर्णन बेलपत्र के पेड़ में भी देखें। जहां शिवरात्रि के दिन इस पवित्र वृक्ष के पत्ते और बेलपत्र भगवान शिव को निर्बल मिलते हैं। वहीं, आयुर्वेदिक दृष्टि से देखा जाए तो विभिन्न प्रकार के पौधों में भी इस पेड़ की मूर्ति का उपयोग किया जाता है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर विजय आमिर ने बताया कि बेलपत्र का फल, पत्ता और छात्र बेहद उपयोगी है। उन्होंने बताया कि अगर इसके छात्रों का काढ़ा बनाया जाए तो यह पेट से संबंधित विभिन्न चैलेंज में राहत पहुंचाता है। वहीं, जो उसके पत्ते होते हैं. अगर उनका आर्क प्लांट पिया जाए तो कोल से संबंधित समस्या से भी राहत मिलती है। इसी के साथ-साथ शरीर के अंदर भी विभिन्न प्रकार के संक्रमण होते हैं। उसे रोकने में भी यह मदद करता है.
इन शर्तों में रामबाण है ये फल
बेलपत्र के रिपोर्ट में बताया गया है कि रोजाना खाने से पेट से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। वहीं, अगर किसी को भी दस्त संबंधी समस्या है। अगर वह इस फल को खाएगा तो काफी राहत मिलेगी। इतना ही नहीं अगर घी और फल को एक साथ खाया जाए तो यह दिल भी काफी स्वस्थ है। बेल पत्र विटामिन ए, सी, कैल्शियम, खनिज बी 1, बी 2, फाइबर युक्त होता है। जो सेहत के लिए काफी अच्छे होते हैं।
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पहले प्रकाशित : 12 फरवरी, 2024, 20:37 IST
