हवाई सीमा शुल्क: आख़िरकार ‘रहस्यामयी’ अगरबत्ती मस्जिद का राज खुला। कामातम के अधिकारियों को इस अगरबत्ती मार्टएंड के राज से पर्दा उठाने में लंबी जद्दोजहद करनी पड़ी। वहीं, जब इस अगरबत्ती की मां के राज से परदा उठाया गया, तो वहां हर शख़्स की आंख खुल गई। इस अगरबत्ती की प्रतिमा की कीमत लाखों में दी गई है। अब के प्रमाणम के अधिकारी इस मामले से जुड़े आगे के तथ्यों को अंतिम संस्कार में शामिल कर दिए गए हैं।
त्रिपुरा, यह पूरा चांसल बेंगलुरु हवाईअड्डे से यात्रा करता है। कुवैत से आने वाली जजीरा एयरलाइंस की उड़ान J9 431 आज रात करीब 1:15 बजे बेंगलुरु एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर थी। बेंगलुरु एयर के ‘नारातम’ के अधिकारी, ग्रीन चैनल से गुजरात रहे सभी यात्रियों पर पैनी नगाह बनाए गए थे। तभी, ग्रीन चैनल की तरफ से आ रहे एक यात्री की हरकतों को देखकर कार्टूनम के अधिकारियों को कुछ शक हुआ। यह शाख अलंकारिकता अत्यंत पैनी अलगावों से अराइवल टर्मिनल में एस्थेटिक कस्मार्टम अधिकारियों की ओर से देखी जा रही थी।
कुवैत से लाया गया था यह अगरबत्ती इमामतंड
कॅडार्टम के वरि. जांच के दौरान पता चला कि यह शेख भारतीय मूल का और कुवैत से आने वाली उड़ान J9-431 से आया है। जांच के दौरान, इस यात्री की हरकतों से पासपोर्ट अधिकारियों का शक पता चला। इसके बाद, इस शाख प्लास्टर के सामान की पैकेजिंग छूट गई। यूक्रेन के दौरन, इसके कबाड़े से एक घटिया रंग का बेहद आकर्षक अगरबत्ती का नाम मिला।
अगरबत्ती मदरलैंड से निकली सुनहरी धातु के टुकड़े
कामराम के अधिकारियों ने जब इस अगरबत्ती रोमांटिक को उठाया तो देखा कि उसका वजन का सामान कहीं और नहीं है। इसके बाद, जांच का पूरा मिकाला इसी अगरबेटी मार्टाएंड तक लिमिटेड हो गया। लम्बी जद्दोजहद के बाद जब इस अगरबत्ती की प्रतिमा को खोला गया तो उसके अंदर से सुनहरी मेटल के छह टुकड़े निकले। जांच में पता चला कि यह सुनहरी मेटल कुछ नहीं बल्कि सोना है। टूल्स की तो पता चला कि करीब ₹17,23,117 कीमत का 279.5 ग्राम सोना यह अगरबत्ती रामानंद के अंदर छिपाया गया था।
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पहले प्रकाशित : 15 फरवरी, 2024, 14:53 IST
