रामकुमार नायक/रायपुर : आपने एक गाना जरूर सुना होगा जिसमें दिल तो बच्चा है जी, थोड़ा कच्चा है जी कहा जाता है। सच में दिल बच्चा है! और एक बच्चे को जैसी देखभाल की जरूरत होती है वैसे ही हमें अपने दिल की देखभाल करनी चाहिए। असल में, लगातार बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामलों को समझने के लिए हम अपने दिल के बारे में गहन सुझाव दे सकते हैं। पहले 50 से अधिक उम्र के लोगों में हार्ट अटैक का खतरा देखा जाता था लेकिन आज के समय में कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कुंतल भट्टाचार्य ने बताया कि हार्ट हो स्मारक रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि बचपन या कम उम्र में एक बार दिल का दौरा पड़ने से लोन्जिविटी (लंबी उम्र) कम हो जाती है। इसलिए इलाज को सबसे बेहतर तरीके से रोका जाता है। हृदय बहुत बड़ा अंग होता है। शरीर के सभी अंगों में खून का हृदय के माध्यम से अवलोकन होता है। हार्ट पम्पिंग अत्यंत आवश्यक है। सामान्य तौर पर हार्ट अटैक से बचने और स्टेशनरी हार्ट रिटेन करने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
दिल को स्वस्थ रखने के तरीके
1. वज़ह घटना : यदि किसी व्यक्ति का मोटापा बहुत ज्यादा है तो उसे अपना वजन कम करना चाहिए। इसके लिए वे वस्तु या वस्तु कर सकते हैं।
2. धूम्रपान बंद करना चाहिए : हार्ट को बंधक बनाए रखना धूम्रपान बंद करना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी बीड़ी सिगरेट या गुटखा तंबाकू से बचना चाहिए।
3. व्यायाम करना : रोज़ व्यायाम कर हम सपने में दिल को स्वस्थ रख सकते हैं। इसलिए दैनिक वितरण करना चाहिए.
4. अस्थि-पंजर और वेजिटेबल अधिक मात्रा में लेना चाहिए : अपने खाने में ज्यादातर से ज्यादा हिस्से और चॉकलेट को शामिल करना चाहिए इसके अलावा कार्बोहाइड्रेट, डेयरी, डेयरी भोजन और फ्राइड आइटम कम खाना चाहिए,
5. चेकअप करना चाहिए : हार्ट अटैक के लक्षण दिखने पर संबंधित जांच करनी चाहिए। इस डॉक्टर से पता चलता है कि हार्ट अटैक का कितना खतरा है। रूटीन चेकअप कराने पर ज्यादा जोखिम नहीं हो सकता. वहीं डॉक्टर से दवा लेने का बड़ा जोखिम भी हो सकता है। पहले से इलाज डाइट हो जाने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा बहुत कम होता है।
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पहले प्रकाशित : 16 फरवरी, 2024, 20:40 IST
