Homeछत्तीसगढ़एयरपोर्ट: आपके पासपोर्ट में भी लगी है ऐसी मोहर, तो हो जाए...

एयरपोर्ट: आपके पासपोर्ट में भी लगी है ऐसी मोहर, तो हो जाए खबरदार, पकड़ा गया तो जान पड़ सकती है जेल


पासपोर्ट पर मुहर: पंजाब के कागजीपुर शहर का रहने वाला दलजीत सिंह एक खास मकसद लेकर मौलाना के इंदिरा गांधी के साथ दुबई के हवाईअड्डे में शामिल होना था। दुबई पहुंचने के बाद दजलीत सिंह वहां कुछ दिन रुक गए और उनका मकसद पूरा हो गया, उनके लिए फिर से अलगाव हो गया। आईजीआई एयरपोर्ट पर दस पासपोर्टवेजों की जांच के दौरान आईजीआई एयरपोर्ट पर पासपोर्ट के एक पेज पर दो दस्तावेज रुक गए। इन दोनों को देखते ही आप्रवासन अधिकारी के सर का धन्यवाद हो गया और उन्होंने तुरंत दलजीत सिंह को शासन में लेकर आईजीआई हवाईअड्डा पुलिस के आवास में कर दिया।

वहीं आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने भी धारा 420/468/471/120बी और पासपोर्ट एक पासपोर्ट की धारा 12 के तहत धारा 12 के तहत दर्ज कर दलजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अपराधी के बाद दलजीत सिंह के साथ पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ। यह पूछताछ पूरी तरह से पासपोर्ट पर लगी इन दोनों पासपोर्ट पर ही केंद्र पर थी। पुलिस ने हाल ही में यह भी जान लिया कि पासपोर्ट में ये दोनों इमारातैंप पाए गए थे। लंबी पूछताछ के बाद पासपोर्ट में पासपोर्ट में पासपोर्ट बनवाने वाले का नाम और पासपोर्ट का भी खुलासा हो गया। और, इस घोषणा के बाद शुरू हुई स्कूटर और गर्लफ्रेंड की दुकानें।

यह भी पढ़ें: कनाडा का लिया गया था सरदार-टिकट, ख़ुशी-ख़ुशी डायनेमिक एयरपोर्ट, फिर हुआ कुछ ऐसा, पुष्टि धीरे-धीरे ज़मीन

अमेरिका में नौकरी करना चाहता था दलजीत
आईजीआई एयरपोर्ट की रुचि उषा रंगनानी के, पूछताछ के दौरान दलजीत सिंह ने अपनी पहचान के मुताबिक बताया कि पंजाब में उनके प्लॉट-गिरद बहुत से ऐसे लोग थे, वास्तविक जीवन के मूल्य विदेश व्यापार बदल दिए गए थे। दलजीत भी चाहता था कि वह अमेरिका में नौकरी करे। लेकिन, उनके सपने के रास्ते में लगातार कोई न कोई परेशानी आ खड़ी होती है। इसी बीच, किसी ने उसे सलाह दी कि अमेरिकी दूतावास जलद किसी पर भरोसा नहीं करता है। अमेरिकी दूतावास में भरोसेमंद सहयोगियों के लिए पहले कुछ देशों की यात्रा छोटे-छोटे बच्चों की यात्रा करना जरूरी है।

दलजीत सिंह को भी यह सलाह दी गई कि उन्हें दुबई से निकाल दिया जाए। दुबई पहुंचने के बाद इस सलाहकार ने अपने पासपोर्ट पर दो ऐसे प्रमाणपत्र लगाए, जिसके लिए न केवल जी का जंजाल बन गया, बल्कि उसकी जेब से सात लाख रुपये भी निकल गए। असल में, पंकज सिंह ने दलजीत को सपोर्ट किया कि दोनों पार्टनर इमीग्रेशन की वैल्यूएशन के बाद उनकी वॉलन्यू काफी बढ़ जाएगी। साथ ही, इन माइक्रोसॉफ्ट की मदद से उन्हें अमेरिका का स्वामी भी बड़ी आसानी से मिल जाएगा। कुछ दिन दुबई में रहने के बाद दलजीत की वापसी के लिए प्रस्थान हो गया।

यह भी पढ़ें: अमेरिका में मिली ‘नौकरी’, दिल्ली से सीमेन बुक लेकर पहुंचे इस्तांबुल, वहां हुआ कुछ ऐसा, बीच रास्ते में हुई मौत

एयरपोर्ट एयरपोर्ट ही पलटा पूरा खेल और फिर ..
लेकिन, कहते हैं ना कि किसी अपराधी से कितनी भी सावधानी बरतें, कोई भी सबूत नहीं छोड़ता है। कुछ यही दलजीत के साथ हुआ. उनके सलाहकार ने बड़ी चालाकी से दलजीत के पासपोर्ट पर मित्र के दो पासपोर्ट तो लगाए, इस बीच उनके बीच एक बहुत बड़ी गलती हो गई। वहीं, आईजीआई हवाई अड्डे की पहुंच के बाद आप्रवासन अधिकारी ने उसे सहजता से झपकाते ही पकड़ ली। पूछताछ में दलजीत की विचारधारा के बाद आप्रवासी अधिकारी को समझ आया कि मित्र आप्रवासन की दोनों मूर्तियाँ पूरा माजरा के पीछे बनी हुई हैं।

इसके बाद, आप्रवासन अधिकारी ने दलजीत को गंतव्य में लेकर आईजीआई हवाईअड्डे के बंदरगाह पर कर दिया। अब दलजीत के पासपोर्ट पर यह तानाशाह निकला, जिसके कारण वह दलजीत के साथ पकड़ा गया और आगे दलजीत का खुलासा हुआ, पता लगाने के लिए पासपोर्ट पर नजर गवाह ही तनी अवशेष की भौहें, सिर्फ एक सवाल, जवाब सुन सीधे भेजा जेल पर क्लिक करें.

टैग: एयरपोर्ट डायरीज़, एयरपोर्ट सुरक्षा, दिल्ली हवाई अड्डा, दिल्ली पुलिस, आईजीआई एयरपोर्ट



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img