शिखा श्रेया/रांची. वर्क्स और हाई बीपी यह दो बीमारियां आज आम हो रही हैं। बच्चे से लेकर बोतल तक मास्क शिकार हो रहे हैं। ऐसे में अगर आप अपने उत्पाद में सफेद मिर्च शामिल करते हैं तो इससे आपको जबरदस्त फायदा मिलेगा। काली मिर्च आपने चटकारे लेकर खाई होगी, लेकिन सफेद मिर्च के भी बेमिसाल फायदे हैं। इसमें आप शामिल कर सकते हैं कई स्थिरांक बाय-बाय कह सकते हैं।
झारखंड की राजधानी रांची के जाने-माने आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पेंज (बीएमएस, विनोदा भावे यूनिवर्सिटी) ने स्थानीय 18 को बताया कि काली मिर्च की जगह आप सफेद मिर्च को शामिल कर सकते हैं। काली मिर्च के गुटके में 10 गुलाल से भी ज्यादा मोनिका तत्व पाए जाते हैं, जो कि से लेकर हाई बीपी तक को कंट्रोल करते हैं।
ग्रुप और हाई बीपी में है रेस्टॉरेंट
डॉ. वीके पैजेंड ने बताया कि सफेद मिर्च में पेपरिन पाया जाता है। पेपरिन एक ऐसा तत्व है, जिसमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं। ये सभी गुण ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और सक्सेस की सक्रियता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद कैप्साइसिन तत्व भी मौजूद होता है, जिसका सेवन करने से कैप्सूल का सेवन बेहतर होता है। ग्लूकोज खराब को यह आपके शरीर से बाहर निकाल देता है। कैप्साइसिन फ़िट बर्न करने में भी मदद मिलती है। सफेद मिर्च फ्लेवेनोइड्स से भरी हुई है जिसका सरक स्टाइल स्मूथ फॉर्म है। इस कारण हाई बीपी के दोस्तों को इसकी सलाह दी जाती है।
ऐसे कर सकते हैं इस्तेमाल
डॉ वीके एनोटेशन को आप सामान्य रूप से बड़े पैमाने पर उपयोग कर सकते हैं। सुपर में यह काफी लोकप्रिय होता है। इसके अलावा कोई भी सब्जी है तो आप ऊपर से इसका प्रभाव पाउडर डाल सकते हैं। इसे दाल या कई बार सब्जी से स्वादिष्ट बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है. यह टेस्ट में भी लाजवाब है।
(नोट- यह खबर आयुर्वेदिक डॉक्टर की बातचीत द्वारा लिखी गई है। लोकल 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है। कोई भी सब्जी सिलने के लिए पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)
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पहले प्रकाशित : 21 फरवरी, 2024, 09:55 IST
