देसी आज़मी/मॉडल। आज आधुनिक युग में कई तरह के गहरे लोग दिखते हैं लेकिन पंचकर्म विधियां पुरानी होने के साथ-साथ बहुत ही शानदार भी होती हैं। ऋषि मुनियों के मूलमंत्र की यह विधि भारत में ही नहीं, कलाकारों में रहने वाले एन ऋषि मुनियों और विदेशियों को भा रही है। उत्तराखंड की राजधानी में स्थित मेडिकल कॉलेज में स्थित हेल्थ मेडिसिटी के संस्थापक और आयुर्वेदाचार्य महेंद्र राणा के सेंटर में साल भर में 100 से 150 विदेशी और एनआरआई पंडित पंचकर्मी लेने के लिए आते हैं। पंचकर्म आयुर्वेद की बहुत पुरानी चिकित्सा विजिट में से एक है। पंचकर्म को आयुर्वेद की विशेष चिकित्सा भी माना जाता है। आयुर्वेद की इस विधि से शरीर में होने वाले कई तरह के रोगों का इलाज किया जाता है। पंचकर्म विधि में पांच विधियां होती हैं, जिनमें शरीर द्वारा निर्मित टॉक्सिन को बाहर निकाला जाता है। यह आयुर्वेद की एक शॉपिंग प्रक्रिया है, जिसमें शरीर में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले टॉक्सिंस को बाहर निकाला जाता है।
पंचकर्म की पांच क्रिया
महेंद्र राणा कहते हैं कि पंचकर्म में पांच क्रियाएं होती हैं, पहली विधि वामन कर्म होती है, जिसमें काढ़ा पिलाने वाला या औषधीय पिलाने वाला रोगी को बेकार कर देता है। दूसरी विधि विरेचन कर्म है, जिसमें मरीज़ को दवाएँ बेचने के लिए सामान मिलता है। दो तरह की एनिमा प्रक्रिया होती है, जिसे हम बस्ति कर्म कहते हैं। इस विधि में बस्ति अनुवासन और बस्ति आस्थापन कर्म से पीड़ित का इलाज किया जाता है। इसके अलावा नाक के द्वारा निकाले गए औषधियों में से एक विधि नासिका कर्म से औषधि औषधियों का प्रवेश द्वार है। रक्त की आपूर्ति और हृदय रोग से जुड़े रोगियों को पंचकर्म नहीं दिया जा सकता है। उनका कहना है कि जिस तरह से आयुर्वेदिक और एलोपैथिक कीटनाशकों का इलाज किया जाता है, इस तरह वह मसाले या तेल के माध्यम से बाहरी तौर पर इस्तेमाल करके त्वचा और बालों का निर्माण करते हैं, जिससे अच्छे परिणाम मिलते हैं।
विदेशी भी अपना रहे पंचकर्म चिकित्सा पद्धति
आयुर्वेदाचार्य डॉ. राणा के अनुसार पंचकर्म के औषधीय लाभ दुनिया भर में देखे जा रहे हैं। उत्तराखंड के ऋषि और हरिद्वार ऐसे स्थान हैं, जहां हर साल सैकड़ों की संख्या में आदिवासी और विदेशी पंचकर्म विधि से इलाज के लिए आते हैं। हमारे हर साल 100 से 150 ऐसे लोग विदेश से यहां इस विस्तार के लिए आते हैं। हमारा कंसल्टेंसी चार्ज 300 रुपये है और बीमारी और उसके इलाज के अनुसार कम से कम इलाज किया जाता है। आख़िरकार का पता है-
हेल्थ मेडिसिटी इंडिया (देहरादून शाखा), मकान नंबर 48/6, अरिहंत टावर के सामने, डॉ. स्पेस सनी वाली गली, जिला सूचना कार्यालय के पास, हरिद्वार कोर्ट रोड, भंडारी। अधिक जानकारी के लिए आप इस मोबाइल नंबर 9690955161 पर संपर्क कर सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 23 फ़रवरी 2024, 17:11 IST
