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ना इंजेक्शन…ना दवा…ये है कंधे और जोड़ों के दर्द का शर्तिया इलाज, 10 दिन में होगी पेन की छुट्टी!


आखिरी बड़कुल/दमोह. भागमभाग वाली इस बिजी लाइफ में हमें अपनी निजी दुकान की फुरसत ही नहीं मिल गई। आराम की कमी और तनाव कई तरह के स्टूडियो को जन्म देते हैं। इसमें शरीर की अलग-अलग विविधता में होने वाला दर्द भी शामिल है। इस व्यस्त जीवन शैली में न समय पर खाना हो पाता है और न ही नींद। ऐसे में कई बार बदन दर्द, कमर या कंधे में दर्द होने लगता है और इस दर्द में कभी भी मामूली बदलाव नहीं आना चाहिए, क्योंकि ये दर्द हमारे रक्तचाप को धीमा करके हाथ, पैर जाम कर सकता है। इसे फ्रोज़न शोल्डर कहा जाता है.

दरअसल, फ्रोज़न शोल्डर में कंधों की हड्डियों का मुड़ना काफी मुश्किल लगता है। इसे मेडिकल भाषा में दर्द को एडहेसिव कैप्सूल कहा जाता है। हाथ पैर के जोड़ के बाहरी भाग में एक कैप्सूल होता है। फ्रोज़न शोल्डर में येशी कैप्सूल स्टिफ़ या सख्त हो जाता है। ये दर्द अचानक से धीरे-धीरे शुरू होता है और फिर पूरा कंधा जाम कर देता है। जैसे ड्राइविंग के दौरान या किसी घरेलू काम के दौरान अचानक दर्द शुरू हो सकता है। ऐसे व्यक्ति का हाथ रुक गया है। जिनमें काम करने में काफी परेशानी होती है, और इस समस्या से जूझना चाहते हैं, तो वे जरूर एक बार आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ब्रजेश कुलपारिया से फोन पर संपर्क करें +91 97133 78024 पर इस मर्म थारेपी को ले सकते हैं। आयुर्वेद में इस बीमारी को आप कहते हैं। इसका उपचार केवल मर्म थायरेपी के माध्यम से ही संभव है।

क्या होते हैं मर्म थारेपी
आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में मर्म चिकित्सा पद्धति से सर्जरी क्रिया और बिना औषधि के ही दवाइयों को ठीक किया जा सकता है। इस पद्धति से यूरोप और एशिया महाद्वीप में ही भारत के अलग-अलग सिद्धांतों में अलग-अलग स्कूटरों का इलाज नहीं किया जा रहा है। मर्म थायरेपी के माध्यम से मसाज कर बिल्डर से बिना दवा के इनसाइड पाया जा सकता है। जोड़ों में दर्द, कमर में दर्द और कंधों में दर्द की समस्या अनिद्रा में अनिद्रा की समस्या होती है।

इस थारपी को करीब 20 से 25 दिन पहले ले रहे सीएम राइज, दमोह के मुखिया भगवान दास अहिरवार ने बताया कि उनका बाया हाथ पीछे नहीं था और ऊपर भी नहीं उठता था। इस बीच कार्य करने में काफी परेशानी हुई थी. जिसके बाद मुझे जानकारी लगी कि आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ब्रजेश कुलपारिया अच्छे थेरेपी देते हैं। जिसे देखने से 10 दिन पहले उसका रिजल्ट देखने को मिलता है। वहीं अगर आप लंबे समय तक इसे लेते हैं, तो ये शिलालेख, जोड़ों और कमर के दर्द का ताउम्र खत्म हो जाएगा।

टैग: दमोह समाचार, स्वास्थ्य, जोड़ों का दर्द, ताज़ा हिन्दी समाचार, स्थानीय18, एमपी न्यूज़

अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सिद्धांतों से जुड़ी बातचीत का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से सलाह के बाद ही किसी चीज का उपयोग करें। लोकल-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।



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