आशुतोष/रीवा: हमने अक्सर सुना है कि अगर कोई व्यक्ति विकलांग और निरोग जीवन जीना चाहता है, तो उसे खान-पान के साथ-साथ स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। लेकिन ये सब करने से फिर भी आधी उम्र के साथ शरीर ख़राब होने लगता है। इसी तरह की कमजोरी की वजह से शरीर कई समस्याओं से घिर जाता है। लेकिन, बेहतर जीवन शैली के साथ अगर कोई व्यक्ति कुछ दवा खाना शुरू कर देता है तो वो 110 साल तक निरोग रह सकता है। ऐसा दावा रीवा के वैद्य एम मिश्रा का है। वैद्य एम एल मिश्रा धनवंतरी पाम प्राकृतिक वन औषधि योगांजलि स्वास्थ्य केंद्र रीवा से जुड़ा हुआ है। औषधियों की पहचान करने के लिए वे पूरे देश में कई यात्राएं करते हैं।
वैद्य एम एल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने दवाइयों का एक ऐसा फार्मूला तैयार किया है। जिसका सेवन करने वाला व्यक्ति 110 वर्ष तक निरोग रह सकता है। लगातार इन दवाइयों का सेवन करने से बीपी, शुगर जैसी बीमारी का कोई भी व्यक्ति नहीं हो सकता। यह फॉर्मूला बाणभट्ट से प्रेरित है। यह फार्मूला अश्वगंधा, सतावत, सफेद मूसली, बरगद का फल, पीपल का फल कुल मिलाकर तैयार किया गया है। औषधीय गुणधर्मों से परिपूर्ण इन नमूनों का नमूना व्यक्ति 110 वर्ष तक जीवित रह सकता है।
बाणभट्ट की रचनावली में है ये रहस्य
वैद्य एम एल मिश्रा ने बताया कि वानभट्ट जी ने अपनी आयुर्वेदिक रचनावली में यह प्रतिपादित किया है कि कलयुग में मनुष्य 110 वर्ष तक जीवित रह सकता है। वैद्य एम एल मिश्रा ने बताया कि मैं खुद इस दवा को ले जाता हूं। इस उम्र में भी मुझे कोई बीमारी नहीं हुई. इन औषधियों का उपयोग करने से शरीर में ताकत बनी रहती है। पेट से सम्बंधित असर भी नहीं होता. सबसे बढ़िया अश्वगंधा है. शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए अश्वगंधा बेहद जरूरी है। अश्वगंधा से आंखों की रोशनी भी तेज होती है।
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पहले प्रकाशित : 25 फ़रवरी 2024, 18:51 IST
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, सिद्धांतों से जुड़ी बातचीत का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से सलाह के बाद ही किसी चीज का उपयोग करें। लोकल-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
