रायपुर. छत्तीसगढ़ के वन अच्छे ही समृद्ध हैं, मगर वे जंगली जानवरों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। यहां पहले बाघों की संख्या में कमी आई और अब बाघों की संख्या में भारी कमी आई है। इसका खुलासा नेशनल टाइगर कंजर्वेशन कंपनी ने किया है। उसके आंकड़े दस्तावेज़ वाले हैं. चतुर्थ का कहना है कि छत्तीसगढ़ में गढ़वाल का विशाल शिकार इसके प्रमुख कारण हैं। प्रदेश में ज्वालामुखी संरक्षण के नाम पर वन विभाग हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है। लेकिन, आतंकवाद की संख्या में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है। हालाँकि, वन विभाग शिकार की बात से चकनाचूर हो जाता है। लेकिन, लगातार पकड़े जा रहे शिकारी और उनके मिल रही तेंदुओं की कालें शिकार की गवाहियां हैं।
वैज्ञानिक है कि, प्रदेश के अमूमन सभी इलाकों के जंगलों में स्थित हैं। यूक्रेन की जनसंख्या में वृद्धि के बजाय लगातार गिरावट हो रही है। वर्ष 2014 में प्रदेश में 846 दस्तावेज़ थे। साल 2018 में इसकी संख्या 852 हो गई. उसके बाद वर्ष 2022 में उनकी संख्या 722 हो गई। ऐसा ही कुछ है प्राचीन में 130 स्टॉक कम हो गए। असल में, केरल प्रदेश के जंगलों से लेकर घने घुटनों तक की आबादी की दिशा में रहते हैं। कांकेर, गरियाबंद, कोरिया सहित कई रेस्तरां शहरों में देखे गए हैं। चौथाई का कहना है कि जंगल में पैसेंजर्स का बढ़ना जारी है। इस के लिए जंगल से शहर की ओर आ रहा है। यहां पर ग्यान डॉग, मुर्गी, बकरी जैसे छोटे बैल का शिकार करने आते हैं।
‘तू मेरा रेप करेगा, रेप करेगा..’
शिकार की बात से लेकन नहीं कर सकते- सिंघवी
वाइल्ड लाइफ़ के विशेषज्ञ पेट्रोकेमिकल सिंघवी ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी या पुलिस अधिकारी एक भी बार समुद्र तट के लोगों को गिरफ़्तार नहीं कर सकते। हर तीन-चार दिन में कहीं से भी समुद्र तट के शिकारी पकड़ में आ जाते हैं। इसलिए डोजियर के शिकार की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। हालाँकि, वन विभाग शिकार के आरोप को स्वीकार नहीं करता है। सिंघवी का कहना है कि स्टॉक में स्टॉक की संख्या काफी चिंताजनक है। वनों में रिकॉर्ड तो हैं मगर उनकी संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है।
मुँह छिपाते फिराते हैं अधिकारी
प्रदेश के अरेस्ट अरेस्ट अरण्य भवन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गढ़वाल मण्डल, रिजर्वेशन, रिजर्वेशन के लिए अलग-अलग अधिकारी हैं। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ की आर्किटेक्चर है। ये अधिकारी जवाब देते हैं और जानकारी जानकारी से हमेशा बचते हैं।
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पहले प्रकाशित : 4 मार्च, 2024, 09:50 IST
