अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ। शहर में इन दिनों स्केच का कमाल साफ नजर आ रहा है। रोजाना 20 से 25 केस रिकार्ड के आ रहे हैं। रविवार को हुई भारी बारिश के बाद रैंकिंग के मामलों में एकदम से उछाल आया है। ओल्ड ऑफिस की ओर से जारी किए गए आंकड़े के अनुसार, रोज़ाना 20 से 25 नए मामले सामने आ रहे हैं। खास तौर पर शहर के अलीगंज, चंद्र नगर, इंदिरा नगर के साथ ही सिल्वर जुबली में ज्यादातर मामले मिल रहे हैं।
लेबल में प्लेट प्लेट कम की वजह से लोग घरेलू व्यंजन अपनाते हुए जोरदार समुद्र तट पर पानी पी रहे हैं। लेकिन इस बीमारी में नारियल पानी का सही उपाय है। इस बारे में: लखनऊ का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल लोकबन्धु के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाल ने बताया कि वर्तमान में उनके अस्पताल में भर्ती के लिए चार-चार मरीज भर्ती किए जा रहे हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। आगे बताया कि बारिश के मौसम में हर साल मच्छरों से होने वाली बीमारियां बढ़ जाती हैं। इस बार की सूची तो है, लेकिन गंभीर गंभीर नहीं है। आख़िर पहले हुआ था. इसमें यह भी बताया गया है कि प्लेट प्लेट बढ़ाने से लेकर रेकॉर्ड ठीक नहीं है।
प्लेट का नारियल पानी से संबंध नहीं
डॉ. अजय शंकर त्रिपली ने बताया कि प्लेट प्लेट में किसी भी तरह की कमी होती है, जिससे रोगी को कमजोरी महसूस होती है। लेकिन, जैसे ही बुख़ार उतरता है तो आप बढ़ते लग जाते हैं। नारियल पानी या कोई भी घरेलू दवा जैसे पपीते का पत्ता लोग चबाने लग जाते हैं, यह सब कुछ कम मात्रा में जाए तो ठीक है लेकिन कुछ लोग अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, जो स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान पहुंचाता है। प्रमुख नारियल पानी का प्रक्षेपण पर भी प्रभाव डाला जा सकता है। पेट में गैस बनवा सकते हैं. नारियल पानी का प्लेट स्टीकर बढ़ाने से कोई संबंध नहीं होता है।
औषधि से ही ठीक होगा वर्गीकरण
कहा कि ऐसे में लोग इस सिद्धांत में नहीं रहते हैं कि आपकी सूची है तो आप घर पर खड़े होकर पानी छोड़ेंगे तो ठीक हो जाएंगे। आपको डॉक्टर के पास जाना होगा। जांच करानी होगी और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं से ही मूल्यांकन को ठीक किया जा सकता है। प्लेट प्लेट बुक ठीक हो रही है आप अपनी प्लेट पर।
नारियल के तले हुए दाम
लखनऊ में विकास के बढ़ते मामलों को देखते हुए नारियल पानी के दाम भी बढ़ गए हैं। पिछले दिनों जो 50 रुपये का नारियल पानी मिल रहा था, अब 200 रुपये का मिल रहा है।
ऐसे करें बचाव
-वाटर टंकियों और नावों को ढक कर रखें, घर के अंदर और आसपास पानी जमा न हो।
-अनावश्यक कन्टेनर, जुगाड़, टायर और नारियल के खोल में पानी जमा न होना।
-प्रत्येक सप्ताह लिनक्स का पानी स्केल
-घरों और होटलों के वॉटर टैंक में लार्विवोरस मछलियों का उपयोग करें।
-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें.
-दिन के समय मच्छरों के काटने से बचने के लिए फुल सिलिव्स के कपड़े, बुखार – एक चिकित्सक की सलाह पर दवा का उपयोग करें।
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पहले प्रकाशित : 14 सितंबर, 2023, 16:54 IST
