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G20 सममित समागम गुप्त के बाद से भारत में घूमे हैं कैनेडियन जापानी पासपोर्ट ट्रूडो, जानें कब होगी वापसी, ये है लेटे प्रोटोटाइप अपडेट


उत्तर

कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो 36 घंटे से भारत में घूमे हुए हैं
हवाई जहाज में यात्रा के बाद से होटल में अपने कमरे में कनाडाई हैं
उनके 16 साल के बेटे जेवियर ने भी उनके साथ भारत यात्रा की

नई दा फाइलली. जी20 शिखर सम्मेलन (जी20 समिट) समागम होने के बाद भी कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो) अभी भी भारत में ही हैं। असल में, राव की वापसी से पहले ही उनका एयरबस व यात्री विमान (एयरबस विमान) में उड़ान भरी गई थी। जेसके बाद से वो राजधानी में नामांकित होटल में अपने कमरे में ही रुके हुए हैं। होटल में रहने का चुनाव गुटों ने ही किया था.

विश्देश मंत्रालय को उनकी तरफ से किसी प्रकार के आधार कार्ड कार्यक्रम की भी सूचना सोमवार को नहीं दी गई थी। इस बात की पुस्कि खुद उनके स्वैच्छिक करने वाले राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर (राजीव चन्द्रशेखर) की ओर से है। मंत्री ने अपनी ड्यूटी कैनेडियन एयरपोर्ट पर पासपोर्ट पर्चियां हासिल करने की योजना बनाई थी।

हिंदुस्तान टाइम्स में निर्देश हवाई जहाज़ में व्यवसाय के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो अभी भी भारत में ही प्यारे हुए हैं. वहीं, उनके भारत में होने पर भी सवाल उठ रहे हैं कि जी7 देश के प्रधानमंत्री तब क्या करते हैं जब वह अचानक खुद को 36 घंटे के लिए किसी विदेशी देश में फंसा लेते हैं? 51 साल के कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने एयरबस विमान में राजधानी से उड़ान भरी बढ़िया होटल अपने कमरे में रहने का फैसला किया है.

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रपोर्ट के मुताबकि हालात उस समय और बुरे हो गए हैं जब जी20 लेकर आया था तो किसी भी खामी का आकलन नहीं किया गया था। जी20 में पीएम मोदी ने कनाडा में भारत के खिलाफ लगातार उठती आवाजों को लेकर गहराई से चॉइंता की भूमिका निभाई थी और इस मामले में जगह के साथ शिखर सम्मेलन के मंच पर उठाया था। इस मामले पर कनाडाई टेलीविजन ने रविवार को एक दूतावास बयान भी जारी किया था।

इस कथन के कुछ समय बाद अंतर्विरोधी समूह सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने रविवार को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के एक गुरुद्वारे में स्कॉटलैंड में खालिस्तान जनमत संग्रह की व्यवस्था भी दी थी। लेकीन कनाडा में एक्सट्रीमपंथी आर्टिस्ट्स की ओर से इस तरह का कदम उठाया गया, जिस पर भारत सरकार का ध्यान नहीं गया। भारत में कनाडा के मशहूर कलाकार ट्रूडो ने सोमवार को सरकार के साथ कोई आधिकारिक बातचीत नहीं की।

कनाडाई केवोयतागत का जे मियामा राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर को कार्यालय सौंपा गया था। इस पर विदेश मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की है कि उन्हें किसी भी अन्य आधिकारिक कार्यक्रम के लिए कोई हॉस्टल नहीं मिला है। स्थानीय उच्चायोग में किसी भी सदस्य का कोई चिन्ह नहीं मिला है।

एचटी के सवालों के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रेस सचिव मोहम्मद हुसैन ने कहा कि कनाडाई सशस्त्र बल को घर वापस लाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास जारी रखें। उनके मंगलवार दोपहर से जल्द ही जल्द ही प्रस्थान करने की संभावना जताई जा रही है। हलांकि अभी भी स्थिति स्थिर बनी हुई है। इसके एक ही अक्षर (पीएम ट्रूडो) होटल में दिन की छूट है।

उनके 16 साल के बेटे जेवियर भी उनके साथ भारत यात्रा पर हैं। वह नई दिल्ली आने से पहले जकार्ता और सिंगापुर के साथ भी गए थे। कैनेडियन और जापानियों ने ललित में अधिकांश कमरे बुक किये थे। लेकिन अब स फाईल 30 रूम ही कोर टीम और उनके साथ मीडिया के ले बुक हैं।

टैग: कनाडा, जी20 शिखर सम्मेलन, जस्टिन ट्रूडो, नरेंद्र मोदी



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