ओपीपी/सोपानकोरबा. हिन्दू धर्म शास्त्रों में गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व बताया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस अवसर पर लोग गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करते हैं, और दसियों दिन तक बहुत धूमधाम से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। दसवें दिन अनंत चतुर्दशी पर गणपति की मूर्ति का विसर्जन होता है।
इस वर्ष चतुर्थी तिथि की शुरुआत 18 सितंबर 2023 को दोपहर 02 बजे 9 मिनट पर होगी और समापन 19 सितंबर 2023 को दोपहर 3 बजे 13 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी 19 सितंबर को मनाया जाएगा। गणेश प्रतिमा की स्थापना का शुभ उत्सव 19 सितंबर को सुबह 11 बजे से 45 मिनट तक दोपहर 01 बजे से 15 मिनट तक अभिजीत घोष है।
भगवान गणेश को 21 लोध, 21 दूबी पत्र चढ़ाएं
ज्योतिषाचार्य पंडित जवाहरलाल मैथ्यू ने बताया कि गणेश जी सभी का मंगल करने वाले देवता हैं, जो देवों में पूजनीय हैं। इस गणेश चतुर्थी विधि भक्ति चतुर्थी मन से भक्ति और विधान से पूजन करेंगे, तो उनकी सभी मंत्र पूरी होगी। भगवान गणेश को लोध और दूब पत्र प्रिय है। इस चतुर्थी भगवान गणेश को 21 लोदी और 21 दूबी पत्र चढ़ाएं। प्रथम भगवान गणेश को 21 लोध का ब्लॉग ब्लॉग, फिर 21 डब पत्र लेकर दो-दो की जोड़ी में भगवान गणेश का सुंदर नाम से चढाना चाहिए।
बता दें कि गणेशोत्सव भारत के कई राज्यों में भव्यता के साथ मनाया जाता है। लोग इस दिन गणेश जी की माला को घर पर भी लाते हैं और 10 दिन तक पूजा करते हैं। उस स्थान पर रोशनी और फूलों से सजावट की गई है और उनके प्रिय देवता को अच्छे कपड़े, फूलों के आभूषण और बहुत कुछ पहनावे दिए गए हैं।
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पहले प्रकाशित : 13 सितंबर, 2023, 15:14 IST
