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कोचिंग नहीं सेल्फ़ स्टडी के दम पर वैष्णवी को मिली सीजीपीएससी में इंटरव्यू, इंटरव्यू में पूछा गया ये सवाल


रामकुमार नायक, महासमुंद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2022 परीक्षा का अंतिम परिणाम वर्ष जारी किया गया। जिसमें प्रदेश भर से 207 लोगों का सिविल के लिए चयन हुआ है. इस सिविल सेवा परीक्षा में महासमुंद जिले के तेंदुकोना की रहने वाली वैष्णवी अग्रवाल ने 128वीं रैंक पर सफलता हासिल की है। वैष्णवी को तीसरे प्रयास में यह सफलता मिली है। वैसे तो सीजीपीएससी की प्री परीक्षा पहले ही प्रयास में ली थी, लेकिन सफलता अधूरी थी। वैष्णवी अग्रवाल छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफल हो कर नामांकित जेलर बने हैं।

वैष्णवी अग्रवाल ने बताया कि इस परीक्षा को क्रैक करने के लिए कहीं भी आउटरीच कोचिंग नहीं ली जानी चाहिए। बल्कि स्वयं अध्ययन करें सीजीपीएससी की परीक्षा पास की है. वैष्णवी अग्रवाल महासमुंद जिले के तेंदुकोना में रहने वाली हैं। पिता मामा अग्रवाल खुद का बिजनेस करते हैं, वहीं माता संगीता अग्रवाल हाउस की पत्नी हैं। वैष्णवी के परिवार में दूर-दूर तक कोई गैर सरकारी सेवा से जुड़ा अधिकारी नहीं है, जिसके कारण से निर्देश मिलने में काफी परेशानी हुई थी। लेकिन अगर कहा जाए कि कड़ी मेहनत और संघर्ष करने का जज़्बा नहीं है, तो उसका कदम कोई रोक नहीं सकता।

साक्षात्कार में पूछा गया प्रश्न
वैष्णवी अग्रवाल ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान उनसे महिला संरक्षण के बारे में कई सवाल पूछे गए, इसके अलावा उनकी रुचि के सवाल पूछे गए जैसे कि नोबेल के बारे में पूछा गया, कि किताब पढ़ने में लोगों के रुझान कम हो रहे हैं। इस प्रश्न का उत्तर देते हुए वैष्णवी ने कहा कि पुस्तक पढ़ने के माध्यम में बदलाव आया है। लोग हार्ड कॉपी की जगह ऑफ़लाइन माध्यम से देखे जाते हैं। वैष्णवी अग्रवाल ने बताया कि रोज़ 2 घंटा मनोरंजन के लिए समय निकाला गया। इस दौरान घूमना फिरना, दोस्तों के चौपाटी में कुछ खाने चलते हैं इन सब में हर समय अभिनय करती रहती हैं। उनका मानना ​​है कि दिमाग को आराम मिलता है 2 घंटा अन्य गतिविधि करना चाहिए।

पिता से मिली प्रेरणा
वैष्णवी अग्रवाल अपनी सफलता के लिए अपने पिता मामाराज अग्रवाल को प्रेरणा देती हैं। उनके पिता हमेशा हर समय, हर लम्हें, हर परिस्थिति में उनके संस्मरण थे. वैष्णवी अभी भी नामांकित जेलर बनी हुई है, लेकिन उनका सपना डिप्टी इंजीनियर बन गया है। उनका कहना है कि इतनी भी सफलता वाली बात नहीं है. अब और मेहनत कर अपने सपने को देखने के लिए संघर्ष करने वाली हैं।

युवाओं के लिए संदेश
वैष्णवी अग्रवाल ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी कम समय में बेहतर नतीजे मिलने की ऐसी प्रक्रिया नहीं है. इसके लिए काफी मेहनत और सेल्फ स्टडीडी को जाना जाता है। काफी संघर्ष करने के बाद ही अच्छा लगा जहां मिल सकता है।

टैग: सीजीपीएससी, नौकरी और कैरियर, स्थानीय18



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