उत्तर
अहंकार पर गुस्सा होने का मतलब है आपके शेयरों के हाथों की कठपुतली।
खुशी चाहिए नहीं खुशी सृजन करना है
सुखी जीवन जीने के टिप्स: खुश्की अच्छी सेहत की निशानी है. लेकिन हम हमेशा इस पर नजर रखते हैं कि ऐसा होना चाहिए या वैसा नहीं होना चाहिए और इसी तरह हम अपनी खुशी तलाशते हैं। अगर हम यह तय करें कि सब कुछ हमारे अकाउंट से हो और सारी खरीदारी हमारे अनुकूल हो तो हमें खुशी नहीं मिलेगी। इससे बाहर की खुशी यानी क्षणिक खुशी मिलती है। अंदर की ख़ुशी नहीं। ये बातें राजयोग मेडिटेशन ब्रह्मकुमारी की प्रमुख सिस्टर बी के शिवानी कहती हैं। बी के शिवानी दुनिया भर के लोगों को खुशियाँ सिखाती हैं। सिस्टर शिवानी का कहना है कि खुशहाल जीवन का एक बहुत ही सरल सूत्र है, जो चीजें हमें दुखी करती हैं, उन्हें पकड़ कर नहीं जाना चाहिए।
हमेशा सकारात्मक बने रहें और क्रोधित को दार्शनिक स्थिति में रखें। अहंकार पर गुस्सा होने का मतलब है आपके शेयरों के हाथों की कठपुतली। हम नकारात्मक चीजों से दूर एजेंडा सुख हमारे सूक्ष्मजीव बंद साथियों से। अक्सर हम बताते हैं कि डॉक्टरों ने यह कर लिया, उसने कर लिया, इसलिए हमें भी यह करना है तो इसमें खुशी नहीं मिलेगी। हमें नकल नहीं अक्ल से काम लेना होगा। अगर आप खुद को मजबूत बनाएंगे तो खुशी आपके पास होगी।
ख़ुश रहने के लिए वजह की तलाश न करें
वी के शिवानी का कहना है कि खुशहाल रहने के लिए कभी भी किसी का मकसद न तलाशें। अगर आप चाहते हैं कि ये काम हो जाए, वो काम हो जाए तो आनंद लें, तो इसमें बिल्कुल भी ऐसा नहीं होगा। अगर आप किसी वजह से खुश हैं तो यह वजह कभी-कभी त्वचा पर भी पड़ सकती है। ऐसे में आपकी ख़ुशी भी हमेशा खतरे में रहेगी। अगर आप किसी की मदद के बदले कुछ वापस पाना चाहते हैं तो आप बिजनेस कर रहे हैं। इसलिए हमेशा अपनी आत्मा में खुशी तलाशिए। सिस्टर शिवानी का कहना है कि खुशी नहीं चाहिए बल्कि क्रिएटिविटी करनी है। अगर आज हम फैसला लें पूरा दिन खुश रहें तो हमें यह मन में है। अगर हम बताएं कि कोई मेरे प्यार से बात करे तो मुझे अच्छा लगेगा। ऐसा नहीं हो सकता. असल में, हम अच्छे होंगे तो अच्छा रहेगा। हम प्यार से बात करेंगे तो हमें अच्छा लगेगा। ख़ुशी का कोई बाज़ारिया नहीं है. किसी दूसरे की परेशानी का आनंद ना लें। जीवन और मृत्यु के बीच का छोटा सा अंतर है, इसलिए इस अंतर में खुश रहो और शब्दों को खुश करो। जीवन के हर एक क्षण का आनंद लें।
विज्ञान की दृष्टि से सुखी जीवन का उपाय
1. तनाव के उपाय करें-तनाव खुश रहना में सबसे बड़ा बाधा है। इसलिए खुश रहना तनाव से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। मेयो क्लिनिक के अनुसार तनाव को दूर करने के लिए योगा, मेडिकल उद्योग और नियमित लक्ष्य सबसे बेहतर उपाय हैं।
2. आत्मसम्मान-आत्मसम्मान जीवन में खुशहाली का सबसे बड़ा फूल है। आत्मसम्मान को बढ़ाने के लिए हमेशा सकारात्मक बने रहें और सकारात्मक दोस्तों के साथ समय बर्बाद करें। ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स नहीं, जो चीजें अपने पास हैं, उनमें खुशियां रहती हैं। अपने आप से हमेशा सकरात्मक चीज़ें कहें। अगर नौकरी भी चली तो ये इलेक्ट्रॉनिक्स की फिर लगेगी.
3. बुरी आदत को छोड़ें-सीएमआईटी, शराब जैसी लत इससे हमेशा अवसाद में रहना और खुशी नहीं मिलेगी।
4. पर्याप्त नींद लें-रोजाना 7 से 8 घंटे तक खुश रहना जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए दिमाग को आराम मिलना जरूरी है और दिमाग को आरामदायक नींद में ही आराम मिलना जरूरी है।
5. राक्षसी भोजन-खुशमिजाज बने रहने के लिए रसायनिक और रासायनिक तत्वों से परिपूर्ण भोजन की आवश्यकता होती है। मौसमी हरी सब्जी, बादाम, साबूत अनाज, फलदार सब्जियां अच्छी सेहत के लिए जरूरी है। इसके साथ ही जंक फूड, फास्ट फूड, किराने का सामान, फूड फूड, अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड से दूरी भी बहुत जरूरी है।
6. दुकान-ख़ुश रहने के लिए जिम जाना भी बहुत ज़रूरी है लेकिन ख़ुश रहने के लिए जिम जाना भी ज़रूरी नहीं है। इसके लिए पैदल चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, ट्रैक्टर आदि काफी हैं।
7. वास्तुशिल्प रुख-हमेशा अपने जीवन में लचीला रुख अपनाएँ। किसी भी वस्तु में कठोरता या जिद्दी होना ठीक नहीं है, जबकि किसी भी वस्तु में कठोरता भी ठीक नहीं है। ये दोनों चीजें खुशी में बनी रहती हैं, इसलिए हमेशा जीवन में अपनाएं। हर तरह के रिज़ॉर्ट के लिए तैयारी जारी रखें।
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पहले प्रकाशित : 13 सितंबर, 2023, 19:45 IST
