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गणेश चतुर्थी 2023: रणथंभौर के त्रिनेत्र गणेश जी लक्खी मेला का आयोजन, रथ का धनुषाकार सालाब


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त्रिनेत्र गणेश जी लक्खी मेले का उद्घाटन
पहला दिन लाखों भक्तों ने दर्शन
यहां परिवार के सदस्यों में त्रिनेत्र गणेश शामिल हैं

सवाईमाधोपुर. रणथंभौर दुर्ग स्थित भगवान त्रिनेत्र गणेश का तीन दिव्य लक्खी मेला आज से शुरू हो गया है। गणेश के दर्शनों के लिए भगवान मेले में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। गणेश पत्रिका में आस-पास के दूर दराज के इलाकों से लोगों का लगातार आना जारी है। इस बार मेला परिसर में यूनेस्को को विशेष रूप से लॉन्च किया गया है। वहीं मेले में आने वाले वैश्यों के लिए समाज सेवियों द्वारा जगह-जगह नि: शुल्क भंडारे और प्याऊ दिया गया है।

इस तीन डिवेलप मॉल में करीब 8-10 लाख लोगों के आने की उम्मीद जा रही है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के बारे में ढिलाई बरती है। सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा मेला परिसर में चार कारों को रखा गया है और उनमें अलग-अलग पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। भिक्षुओं की सुरक्षा को लेकर मुख्य मंदिर मजिस्ट्रेट, मंदिर पुजारी, पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक के अलावा करीब दो मंदिर पुलिस उपनिरीक्षक, आरएसी की कंपनी और 1200 धार्मिक विशेषज्ञ विशेषज्ञ शामिल हैं।

भीड़ को देखते हुए 40 अतिरिक्त दोस्ती हो रही हैं संचालित
गणेश मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशन से मेला परिसर तक रेलवे के 40 अतिरिक्त सामानों का संचालन किया जा रहा है। मेला परिसर में निगरानी रखने के लिए जगह-जगह पर डायमंड कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही खतरनाक जगह पर विशेष जाब्ता स्थापित किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रणथंभौर दुर्ग परिसर में जगह-जगह बैरिकेट्स लगाए गए हैं। इसके अलावा गणेश मंदिर के रास्ते में सभी मूर्तियों और तालाबों पर सुरक्षा के अनुरूप पैनलों के साथ सामुहिक वस्तुओं की पेशकश की गई है। गणेश चतुर्थी पर भारी संख्या में आध्यात्म के आगमन की उम्मीद है।

यहां परिवार के सदस्यों में त्रिनेत्र गणेश शामिल हैं
रणथंभौर का गणेश मंदिर राजस्थान के सबसे पुराने और अनोखे चित्रों में से एक है। रणथंभौर के भव्य किले में स्थित इस प्राचीन मंदिर में भगवान गणेश अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं। मंदिर के इतिहास के बारे में एक कहानी बड़ी मिसाल है। राजा हमीर और अलाउद्दीन खिलजी के बीच युद्ध के दौरान किले की दीवार पर त्रिनेत्र भगवान का प्रतीक चिन्ह अंकित किया गया था जिसके बाद युद्ध समाप्त हो गया था।

टैग: गणेश चतुर्थी, राजस्थान समाचार, धर्म, सवाई माधोपुर खबर



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