
पहले टेक सिद्धांत में लोगों को भविष्य में आने वाली नई-नई तकनीक के बारे में जानकारी मिलेगी।
भारत सरकार देश में टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए नए नए कदम उठा रही है। सरकार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में देश का पहला टेक ग्लासगोरे की तैयारी में है। सरकार ने इस टेक आर्किटेक्चर को नव भारत गार्डन में स्थापित किया है जो सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। सरकार इस टेक मेज़ियम के माध्यम से लोगों को भारत के भविष्य की योजना और आने वाली तकनीक का दर्शन करायेगी। इसके साथ ही इसमें कुछ फ्यूचिक स्पेक्टिक प्रोजेक्ट की भी झलक देखने को मिल सकती है।
इस टेक को बनाने के लिए डिजाइन और विकास के लिए सीपीडब्ल्यूडी ने सुझाव और प्रस्ताव दिया है। आवेदन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देश के पहले टेक साकेत सरकार देश में इस समय अलग-अलग सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी को शामिल करेगी। केंद्र के इस कदम से लोग टेक्नोलॉजी के बारे में बेहतर और आसान तरीके से समझेंगे।
लोगों को भविष्य की तकनीक की जानकारी
इतनी ही नहीं सरकार इस टेक शास्त्र में भविष्य में आने वाली टेक्नोलॉजी के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसमें लोगों को तकनीक 3-डी मैप्स, टच एनजल्ड डिस्प्ले, होलोग्राम, एलसीडी प्रोजेक्शन, मल्टी टच टेबल की झलक देखने को मिलती है। रिपोर्ट के नतीजे तो टेक सिद्धांत किसी भी एक अंतरिक्ष विज्ञान प्रौद्योगिकी पर काम नहीं करना चाहते।
आपको बता दें कि नव भारत उद्यान में टेक आर्किटेक्चर तैयार किया गया है। यह सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक फैला हुआ है। सरकार के मास्टर प्लान के तहत सेंट्रल विस्टा एक्सिस को रिज से नदी तक 2.9 किमी से 6.3 किमी तक जोड़ा गया। देश का पहला टेक स्केच काफी हाईटेक होने वाला है।
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