नई दिल्ली. दुनिया के कई देशों में खालिस्तान में तेजी से फल-फूल रहा है। जिनमें से कनाडा के सबसे प्रमुख हैं। कनाडा में कई खालिस्तानी साज़िन्दों का ऑफिस बना हुआ है। पिछले तीन सालों में फ़ोर्टल फ़्लोरिडा ऑर्गेनाइज़ेशन आई असामियों की सरपस्ती में कनाडा की सरज़मीं पर भारत के ख़िलाफ़ कॉन्स्टेंसी ज़हर उगला जा रहा है। इसके साथ ही भारत विरोधी आक्रामकता को भी अंजाम दिया जा रहा है।
साथी हरदीप सिंह, साथी गुरपतवंत सिंह पी बॉलीजन और अर्श डल्ला का ट्रैंगल कनाडा में बने हैं, जो वहां बैठे-बैठे भारत में अपने देश के विरोधी गुट चला रहे हैं। हालांकि हरदीप सिंह निज्जर की कुछ महीने पहले एक कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हाल ही में गुरपतवंत सिंह ने एक रैली की थी, जिसमें उन्होंने फ्रैंक भारत को खतरनाक दी थी। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर अपने आप को एक प्लंबर और धार्मिक सलाहकार के रूप में कनाडा में प्रोजेक्ट करते थे।
साल 2018 में वह भारत से कनाडा भागे डीजल अर्श डल्ला के संपर्क में आया था। हरदीप सिंह निज्जर और स्ट्रेंथ अर्श दल्ला 2020 तक एक दूसरे के काफी करीब आ चुके थे और गुरपतवंत सिंह पी बब्लू अपनी पैरवी करने लगे थे। आईएसआई की सरपरस्ती में कनाडा की धरती पर भारत के खिलाफ यह बड़ा गठजोड़ कुछ सागरों में बनकर तैयार हो गया है। त्रिस्तरीय संयोजन पंजाब में राक्षसों की घटना, भारत में खालिस्तान और अंतर्द्वंद्व की आग भड़काना, कट्टरपंथियों की हत्या करना और राक्षसों का आधार बनाना।
बता दें कि भारत कॉन्स्टैंट 3-4 साल से कनाडा सरकार को अपनी इच्छा से संतुष्ट कर रहा है, भारत ने स्टॉक लेवल पर इसकी सूचना भी दे दी है। लेकिन कनाडा सरकार की ओर से न तो निज्जर न तो अर्श डल्ला और न तो पी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं निज्जर की हत्या के बाद अब पी स्टॉक ओपन पर कनाडा में भारत का जहर उगल रहा है।
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पहले प्रकाशित : 19 सितंबर, 2023, 11:53 IST
