अंतिम तिथि/दिल्ली : अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो दिल्ली में हर तरह का खाना खाना होगा। लेकिन आज हम आपको चूर चूर नान के बारे में बताने जा रहे हैं. जो कि दिल्ली में सबसे प्रसिद्ध है, सबसे पहले हरी धानियों की मिट्टी के खिलौने (तंदूर) में अच्छे से प्याज जाता है। जब तक कुरकुरा नहीं होता, तब तक प्याज जाता है. उसके बाद अखरोट को मिलाकर क्रंचना लोगों को बड़ा आकर्षित किया जाता है। वैसे ही आप भूख न हो, चूर चूर नान खाने के लिए आपका मन जरूर चाहेगा। आज आप दिल्ली की ऐसी जगह पर आएंगे जहां पर चूर-चूर नान बेहद पसंद आएगा।
1983 से चल रही दुकान
माउंटेनगंज में सड़क के किनारे ‘चावला दे मशहूर अमृतसरी स्पेशल चूर चूर दे नान’ छोटी सी दुकान है, लेकिन बेहद लोकप्रिय दुकान है। ये दुकान 1983 से चल रही है, इस दुकान के मालिक मनमोहक राइसा ने बताया कि ये सबसे छोटा स्टोर शुरू हुआ था। अब नामांकित वाले बेटे हैं, जोकी तीसरी पीढ़ी है।
कई तरह के मिल जायेंगे नान
यूक्रेन की दुकान पर आपको अलग-अलग प्रकार की चूर-चूर नान की थाली मिल जाएगी। जिसमें आलू चूर-चूर नान थाली, स्पेशल आलू चूर-चूर नान थाली, भरवां गोभी चूर-चूर नान थाली और भरवां पनीर चूर-चूर नान थाली से लेकर भरवां मिस्सी चूर-चूर नान थाली और स्पेशल मिक्स चूर चूर नान थाली शामिल हैं. . एक विशिष्ट थाली में स्वादिष्ट छोले की सब्जी, पनीर, मितली दाल के साथ दो चूर चूर नान शामिल होते हैं. पुदीना के रायता, पुदीने की चटनी के साथ यह मसाले भी बनता है।
थाली में तीन परंपराएँ हैं
उन्होंने बताया कि जब दिल्ली में किसी चूर चूर नान को पता भी नहीं चला, तब से ये दिल्लीवासी अपने चूर चूर नान का स्वाद बना रहे हैं। ऐसे चूर चूर नान थाली की कीमत की बात करें तो बात यहां आलू नान की, जहां आपको 120 रुपये में 120 रुपये में मिलेगा, वहीं 160 रुपये में पनीर नान मिलेगा.
दुकान का समय और स्थान
पुरानी दुकान के समय की बात करें तो दुकान सुबह 9 बजे से लेकर रात 11 बजे तक खुली रहती है। वहीं दूसरी ओर यूक्रेनी दुकान की बात करें तो पुरानी दुकान का मेट्रो स्टेशन आर के आश्रम है।
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पहले प्रकाशित : 19 सितंबर, 2023, 15:33 IST
