सन्नन्दन उपाध्याय/बलिया: जिले में खाना-पीने की करें तो जिले की कमी की बात नहीं है. आप विभिन्न प्रकार के स्थानों पर एक से एक व्यंजन के लिए मिल जायेंगे। लेकिन जो ऐतिहासिक बाबा मंदिर बालेश्वर नाथ के पास समोसे मिलेंगे वो कहीं और नहीं मिले। यहां हर समय वसीयत की लंबी कतार लगी रहती है। धार्मिक स्थल होने के कारण इस समोसे की मांग और भारी वृद्धि होती है। बिना लहसुन प्याज के बनने वाला समोसा इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद हर कोई इसके स्वाद का दीवाना हो जाता है।
बलिया रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर प्रसिद्ध बाबा बालेश्वर नाथ हैं। जहां पर यह कल्लू यादव की मशहूर समोसे की दुकान है. दिग्गज कल्लू यादव ने बताया कि ये करीब 30 साल पुरानी समोसे की दुकान है. यह दुकान आज भी लोकप्रिय है क्योंकि यहां पर गणेश जी की मिठाई रखी जाती है और दूसरी बात बिना लहसुन प्याज की बनी होती है। यहां जिले का सबसे प्रसिद्ध बाबा बालेश्वर नाथ का मंदिर भी है। जहां यह समोसे बनाया जाता है तो इसे बाजार से खरीदकर सीधे घर पर भेज दिया जाता है। जहां इसे धोकर साफ-सफाई से तैयार किया जाता है। इसे बनाने में काफी मेहनत लगती है तब लोगों का यह प्रिया बनाया गया है।
इसका उदाहरण है बिना लहसुन प्याज का समोसा
आम आदमी की माने तो बिना लहसुन प्याज का यह समोसा 6 रुपये प्रति पैसे के हिसाब से ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाता है। दुकान पर आए ऑनलाइन ने कहा कि ऐसा समोसा जिले में और कहीं नहीं है। कई ग्राहकों ने कहा कि हम इस लाजवाब समोसे का स्वाद लेने कई सालों से आए हैं। यहां हर समय लोगों की भीड़ ही यह साफ दिखाई देती है। कि स्वाद के लिए सिर्फ लहसुन का मतलब नहीं. स्वाद के लिए मेहनत और कला ही महत्वपूर्ण है।
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पहले प्रकाशित : 19 सितंबर, 2023, 16:57 IST
