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नई संसद के पहले दिन केनका समर्थक, ईशा गुप्ता, निशा चौधरी और बबीता फोगाट जैसी हस्तियां भी शामिल, मनोज तिवारी ने शेयर की फोटो


नई दिल्ली. भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 19 सितंबर का दिन हमेशा के लिए अमर हो गया। आज भारत की संसद में अपनी पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग शिफ्ट हो गई। पिछले 75 साल से जिस 96 साल पुरानी इमारत में सलाखें की बिक्री चल रही थी, उसका आज आखिरी दिन था। इस इमारत को विदाई देने के पक्ष-विपक्ष के नमूने तो क्षेत्र में ही कई फिल्मी कलाकारों ने भी इस मशीन को हाथ से नहीं जाने दिए। आज का दिन एक और नाम में भी खास है क्योंकि नई संसद में पहली बार ‘नारीशक्ति वंदन काउंटर’ को पेश किया गया था। इस मौके पर कई महिलाओं के साथ फिल्मी कलाकारों ने भी देखा। संसद भवन में नए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा के न्यूनतम सदस्य मनोज तिवारी के साथ फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत, निशा गुप्ता, लोक गायिका सोनिया चौधरी और रेसलर बबीता फोगाट भी नजर आईं।

कई शब्दों में आज का दिन अहम है। केंद्र सरकार ने संसद के नए भवन में विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभाओं में महिलाओं को एक घटक के रूप में 33% नवीनता प्रदान करने से संबंधित ऐतिहासिक ‘नारीशक्ति वंदन स्मारक’ को लोकम के पटल पर रखा। इस महिला ऑर्केस्ट्रा में से एक सोलोकोम और राज्य विधानसभाओं में एससी/एसटी स्टॉक में महिलाओं के लिए एक एलोकैट ऑब्जेक्ट भी शामिल है।

संसद की नई इमारत में ऐतिहासिक ‘नारीशक्ति वंदन फैक्ट्री’ कोसोम के पटल पर रखा गया।

पहले दिन ही महिला वंदन शोरूम
इसे केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का नाम दिया है। इस लाॅकडाउन में कहा गया है कि महिलाओं के लिए नाॅट को ताजा और परिष्कृत करने की प्रक्रिया पूरी तरह से लागू होने के बाद लागू होगी, जो कि लाॅकडाउन 2024 के लाॅकडाउन के बाद लागू हो सकते हैं। इसमें कहा गया है कि प्रॉजेक्ट इफेक्टिव एग्ज़ेग के 15 साल बाद नॉर्थ ईस्ट शुरू हुआ।

महिलाओं की भागेदारी सरदार
सोमवार को भी महिला नटखट से जुड़े मित्रवत पर चर्चा शुरू होगी। विपक्ष और राज्यसभा दोनों सदनों द्वारा पारित किए गए और राष्ट्रपति की मंजूरी बैठक के बाद यह कानून बन जाएगा। आज सुबह से ही दिल्ली सहित अन्य राज्यों से महिला संसद भवन शूरू कर दी गई। दोपहर 1.30 बजे से संसद की नई बिल्डिंग में बिक्री शुरू हुई।

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महिला नॉमिनेशन लागू होने के बाद लोकसभा में डेमोक्रेट के आधार पर संसद के अंतिम सत्र में कम से कम 181 महिला एमपी लागू होती है।

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नई संसद में पहले दिन की कार्यवाही के रूप में केंद्र सरकार के कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में महिला संसद से 128वां संविधान संशोधन ‘नारी शक्ति वंदन सेमिनार-2023’ पेश किया। इस संशोधन में वर्तमान में महिला शून्य को केवल 15 वर्षों के लिए लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है, लेकिन भविष्य में इस संसद की अवधि को भी बढ़ाया जा सकता है।

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