
डेटा लीक को लेकर कंपनी ने जानकारी देते हुए कहा कि किसी कस्टमर का कोई डेटा लीक नहीं हुआ है।
माइक्रोसॉफ्ट डेटा लीक समाचार: भारत समेत दुनिया के सबसे बड़े देश इस समय डेटा नवीनीकरण को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। डेटाबेस सरकार डेटा जर्नल और डेटा प्राइवेट को लेकर कड़े कदम उठा रही हैं। लेकिन इस बीच डेटा जर्नल को लेकर माइक्रोसॉफ्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है। साइबर साइंस की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि कंपनी की बात एकाई रिसर्च टीम से 2020 में 38TB डेटा लीक हो गया था। रिसर्च टीम ने GitHub से कंपनी का निजी डेटा लीक कर दिया था।
डेटा लाइक को लेकर सामने आई रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लीक किए गए डेटा में माइक्रोसॉफ्ट के दो कर्मचारियों के कंप्यूटर के असिस्टेंट भी शामिल थे। कर्मचारियों के इस बैकअप में सिस्टम के प्राइवेट कीज, पासवर्ड और माइक्रोसॉफ्ट टीम के 30 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय संदेश शामिल थे। इस डेटा लाइक की जानकारी Git हब के रिपॉजिटरी के माध्यम से मिली।
ग़लत से ऑफ़लाइन साझा किया गया लिंक
बता दें कि GitHub पर माइक्रोसॉफ्ट टीम की तरफ से एक ऐसा लिंक शेयर किया गया था जिसमें Microsoft Azure नाम की खासियत मौजूद थी। ध्यान दें कि इस सुविधा का उपयोग किया गया संग्रहणीय भंडारण संग्रहण के लिए साझा एक्सेस सिग्नेचर क्रिएटर के लिए किया जाता है। अर्थात इस विशिष्टता से एक गुप्त रहस्य का वर्णन किया गया है जिससे आप गुप्त और निजी फाइलों को जोड़ सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने कही ये बात
डेटा लाइक की खबरें मीडिया में सामने आने के बाद इस पर माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से प्रतिक्रिया भी दी गई। माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी रिस्पॉन्स सेंटर की टीम ने इस लाइक में कहा कि इस डेटा लाइक में कस्टमर का किसी भी तरह का डेटा लाइक नहीं हुआ है और न ही इससे माइक्रोसॉफ्ट के किसी भी इंटर्नल स्टोरेज को कोई नुकसान हुआ है।
