Homeदुनियानिज्जर पंक्ति: 'कनाडा छोड़ो, भारत जाओ...' बौखलाया खालिस्तानी कलाकार, गुरपतवंत सिंह पी...

निज्जर पंक्ति: ‘कनाडा छोड़ो, भारत जाओ…’ बौखलाया खालिस्तानी कलाकार, गुरपतवंत सिंह पी बॉली ने कनाडा में रह रहे भगवान को धमाका


उत्तर

ट्रूडो की जाति के बीच जातीय तनाव चिंताएँ बढ़ गई हैं।
ग्रुप गुरुपतवन्त सिंह पैबेलियन ने आदिवासियों को खतरनाक बना दिया है।
भारत का समर्थन करने वालों को पब्जी ने देश छोड़ने को कहा है।

ओटावा. 2019 में भारत में खालिस्तान समर्थक ग्रुप सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर (हरदीप सिंह निज्जर) की हत्या पर चल रहे लोकतंत्र विवाद के बीच कनाडा में रहने वाले विचारधारा को खतरनाक बना दिया है और भारत का समर्थन करने के लिए कहा है। उन्हें देश छोड़ने के लिए कहा गया है। इंटरनेट पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एसएफजे के सहयोगी गुरपतवंत सिंह पन्नू (गुरपतवंत सिंह पन्नू) ने कनाडाई सिखों से 29 अक्टूबर को वैंकूवर में तथाकथित जनमत संग्रह के लिए मतदान करने की मांग की है।

भारत में अपराधी घोषित किए गए पैगवलियन ने कहा, ‘भारत-हिंदू…कनाडा छोड़ो, भारत चले जाओ।’ उन्होंने दावा किया कि खालिस्तान समर्थक ‘हमेशा कनाडा के प्रति वफादार हैं’ और उन्होंने हमेशा कनाडा का पक्ष लिया है। यह वीडियो कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा किए गए दावे के दो दिन बाद सामने आया है।

पढ़ें- कनाडा: भारतीय व्यंजन, कर्मचारी और कारीगरों को क्लासिक बनाया जा सकता है, स्कूल ने चेताया

बता दें कि जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया था कि भारत सरकार के महासचिव और जून में निज्जर की हत्या के बीच ‘संभावित संबंध’ था। इन गंभीर आरोपों के कारण दोनों देशों के वरिष्ठ राजनेताओं को निष्कासन का सामना करना पड़ा। अन्य स्पष्ट शब्दों में दिए गए बयान में, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने अपने दावे को ‘बेतुका और प्रेरित’ कहकर खारिज कर दिया।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘इस तरह के निरधार आरोप खालिस्तानी आतंकवाद और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें कनाडा में शरण की पेशकश की गई है और जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा पैदा किया गया है।’ इस मामले पर कनाडाई सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से और लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।’ दोनों देशों के बीच तनाव कनाडा में भारत के बीच विरोधात्मक तनाव के बारे में नई दिल्ली की पृष्ठभूमि में भावनाओं का बोलबाला है। जिसमें राजनीतिक सिद्धांत का खालिस्तानी नेताओं का ‘खुला’ समर्थन भी शामिल है।

रविवार को भारत की गुप्तचर विचारधारा ने कनाडा में खालिस्तान समर्थकों के समूह (पीकेई) और उनके बढ़ते राजनीतिक समर्थन पर चिंता बढ़ा दी और भारतीयों और अधिकारियों के खिलाफ ‘अक्रामक और गुप्त’ विचारधारा के बारे में चेतावनी दी। अवचेतन ने कहा कि खालिस्तानी समर्थक पिज्जा, कनाडा में रहने वाले भारतीय और वहां व्यवसाय बनाने वाले भारतीय उद्यमों को शुरू कर सकते हैं। विचारधारा ने कहा कि आने वाले दिनों में पीकेई और भारतीयों के बीच व्यापारियों की सूचना मिल सकती है।

वहीं हिंदू मूल की कनाडाई मंत्री एंटोनी आनंद ने शांति की अपील की है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई और भारत से आने वाले परिवार, धर्म की रक्षा करते हैं, इस भावना को साझा करेंगे कि सोमवार को ट्रूडो का कथन बिना मुश्किल था। उन्होंने आगे कहा, ‘इस कानूनी प्रक्रिया को वैसे ही जारी रखने का समय दिया जाना चाहिए जैसे इसे जारी किया जाना चाहिए।’ आइए हम सभी शांत, एकजुट और सहानुभूतिपूर्ण रहें।’

टैग: कनाडा, कनाडा समाचार, खालिस्तानी



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img