अनुप सैनी/कोरबाः समोसा भारत का एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है। बिना समोसे के कोरबा की चर्चा अधूरी सी लगती है। यही समोसा भारत के हर कोने में आसानी से उपलब्ध होता है और हर आम व्यक्ति के बजट में पता चलता है। कोरबा शहर में भी एक ऐसी दुकान है जो करीब 22 साल से लोग समोसा खा रहे हैं। इस दुकान के समोसों के लगभग 200 लोग प्रेमी हैं।
ख़याल के दिन की शुरुआत हो या शाम का नाश्ता, लोगों की पहली पसंद होता है समोसा. यह स्ट्रीट वेजिटेबल व्यंजन हर व्यक्ति के दिल को छू जाता है, और संभवतः इसके बजट में होने का भी यही कारण है. लेकिन कोरबा शहर की सबसे प्रमुख समोसे की दुकान में तिवारी जी के समोसे आते हैं। इस दुकान में 22 साल से समोसे बनाए जा रहे हैं, और यहां हमेशा लोगों की भीड़ लगी रहती है. समोसों का स्वाद और दुकान की स्वच्छता का संयोजन इसे और भी आकर्षक बनाता है। इसी वजह से दुकान के मालिक इसे अगले साल बच्चों के लिए जारी करते रहे हैं। विक्रेता ने बताया कि वे अपने समोसों में केवल रिफाइंड तेल का उपयोग करते हैं, जिसके कारण दो दशक से लगभग 200 ग्राहक प्रतिदिन उनकी दुकान पर आते हैं।
यह रोचक बात है कि भारत का प्रसिद्ध समोसा एक ईरानी व्यंजन के रूप में जाना जाता है, जो 16वीं सदी में भारत आया था। पुराने समय में ईरान से अफगानिस्तान के रास्ते समोसों का आगमन भारत में हुआ था। तब से लेकर अब तक, समोसों की कई भिन्न-भिन्न प्रकार की वैरायटियाँ बाज़ार में उपलब्ध हैं, और इनमें से एक है तिवारी जी का समोसा.
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पहले प्रकाशित : 20 सितंबर, 2023, 16:14 IST
