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हर किसी पर साइलेंट किलर हाई बीपी का खतरा, संभले नहीं तो 2040 तक 46 लाख लोगों की मौत! WHO का ख़तरानाक भविष्यवाणी


उत्तर

अकोला के अनुसार भारत में लोगों को हाई ब्लड शुगर की समस्या है, उनमें से 37 प्रतिशत ही इसका इलाज कराते हैं
हाई बीपी का मुख्य कारण मोटापा है। इसलिए अगर आपका वजन बढ़ गया है तो सबसे पहले वजन कम होगा।

भारत में साइलेंट किलर हाइपरटेंशन: भारत लाइफस्टाइल से जुड़ी कंपनी के मामले में तेजी से खतरनाक स्थिति का पता चल रहा है। एक तरफ 10 करोड़ लोग जहां आतंकवादियों से पीड़ित हैं वहीं 19 करोड़ लोग साइलेंट किलर हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं। हाइपरटेंशन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पहली बार भारत को लेकर व्यापक अध्ययन किया है जिसमें हाइपरटेंशन की भविष्यवाणी की गई है। रिक ने कहा कि अगर भारत के लोग अभी से सचेत हो जाएं तो 2040 तक साइलेंट किलर हाई ब्लड से ठीक होने वाली 46 लाख लोगों की मौत के मुंह में जा सकती है। अगर अभी से नहीं संभले तो भारत में इतनी मौत का खतरा बना रहेगा। दावों के मुताबिक भारत में करीब 31 प्रतिशत लोग हाई ब्लड डिवाइसेज का शिकार हैं। यानी 18.83 करोड़ लोगों को हाइपरटेंशन की समस्या है लेकिन इनमें से ज्यादातर लोगों को इस बीमारी के बारे में पता नहीं है.

सबसे ज्यादा हाई बीपी से ट्रेन

इंडियन एक्सप्रेस की खबर में मोटरसाइकिल की रिपोर्ट का खुलासा करते हुए बताया गया है कि जब ब्लड 140/90 से ऊपर पहुंच जाए तो यह हाई ब्लड लीक है। हाई ब्लड मिलावट का जब इलाज नहीं किया जाता है या इससे राहत का कोई मतलब नहीं होता है, तो इससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर, किडनी डैमेज जैसी समस्या अचानक हो सकती है। WHO ने कहा है कि इन सभी सहयोगियों से बचा जा सकता है अगर शुरू हो जाए तो हाई ब्लड वॉल्यूम को कंट्रोल कर लिया जाए। के अनुसार भारत में लोगों को हाई ब्लड शुगर मिलता है, उनमें से 37 प्रतिशत लोग ही इसका इलाज कराते हैं जबकि उनमें से केवल 30 प्रतिशत लोग ठीक हो जाते हैं। चिंता की बात यह है कि देश में लोगों का हाई ब्लड प्रेशर कम है, उनमें से 15 प्रतिशत लोगों का ही बीपी अंडर कंट्रोल में है। देश में किसी बीमारी से लेकर पुराने भी लक्षण होते हैं, उनमें से आधे यानी करीब 52 फीसदी का सीधा संबंध हार्ट डिजीज से जुड़ा है। इनमें से हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। हालाँकि हाई ब्लड डॉक्युमेंट्री ऐसी बीमारी है जो बहुत दिनों तक आपको संभलने का मौका देती है। अगर समय पर आप इसे कंट्रोल कर लेते हैं तो खतरा बहुत कम होता है।

इस तरह बच सकते हैं हाई बीपी से

1. बीपी मशीन-अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राकेश यादव का कहना है कि शुरुआत से ही बीपी की जांच जरूरी है। इसके लिए घर में ही बीपी मशीन रखें और 20 साल की उम्र से ही नियमित रूप से बीपी जांच करें। यदि ब्लड सप्लाई ज्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

2. स्टार्टअप, सिगरेट को अभी छोड़ें-रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हाइपरटेंशन का सबसे बड़ा कारण शराब, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन है। इसलिए इन बुरे प्रयोगों को अभी से छोड़ें।

3. वजन कम करें-हाई बीपी का मुख्य कारण मोटापा है। इसलिए अगर आपका वजन बढ़ गया है तो सबसे पहले वजन कम होगा। वजन कम करने का कोई शॉर्ट कट तरीका नहीं है। उदाहरण के लिए पर्यवेक्षण में वो हर काम का सुझाव देता है।

4. वस्तुस्थिति-इनमें शामिल हैं चॉकलेट फूड, जंक फूड, फास्ट फूड, तली-भुनी चीजें, पिज्जा-बंद चीजें, ज्यादातर मिठाइयाँ, शीतल पेय, मीठा पेय, चिप्स, कुरकुरे आदि को आज से ही छोड़ दें। इसके साथ ही आज से घर में ताज़ा बना खाना जिसमें 90 प्रतिशत हिस्सा प्लांट बेस्ड हो। हरी पत्तीदार सामग्री, साबुत अनाज, साबूत अनाज, मिश्रित फल, डोकारी आटा, मोटे अनाज आदि को अपनी रोजमर्रा की सामग्री में शामिल करें।

5. सक्रियता-ब्लड डॉक्यूमेंट्री से बचने के लिए प्रतिदिन 45 मिनट की आवश्यकताएँ आवश्यक हैं। इसके लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है बल्कि चलना, दौड़ना, दौड़ना, जॉगिंग करना, साइकिल चलाना आदि। यदि हाई ब्लड खराब हो तो रनिंग से पहले अपने शिष्यों की सलाह लें।
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