रामकुमार नायक/रायपुरः पावभाजी और पुलाव का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है. इन दोनों डिशों का एक असली ही फ़ायर लवर्स को लुभाना काफी है। यह स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत में लोकप्रिय है, बल्कि इसे हर उम्र के लोग पसंद करते हैं और बड़े ही चाव से इस स्वादिष्ट व्यंजन को पसंद करते हैं. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर चौपाटी में भी पाव भाजी और पुलाव की बेहतरीन दुकान का नाम आशापुरा फास्ट फूड है। यहां की पावभाजी और पुलाव पूरी राजधानी में मशहूर हैं।
आशापुरा फास्ट फूड के दुकानदारों के चयन में कहा गया है कि वे गुजरात के रहने वाले हैं। रायपुर में उनका परिवार पिछले 50 सालों से रायपुर में रह रहा हूं. सं सं 1992 उनके पिता भुनेश पहली बार छत्तीसगढ़ आये और पाव भाजी की दुकान शुरू की। वे यहीं से शुरू हुए शंकर नगर चौपाटी में शॉप अलाइन्स आ रहे हैं। दुकान के शुरुआती दिनों में भुनेश को काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा लेकिन मेहनत और लगन के अलावा गुणवत्ता से समझौता नहीं और काम से दिल्लगी ने आशापुरा फास्ट फूड दुकान को मशहूर बना दिया। यहां बनने वाले पावभाजी और पुलाव खाने दूर से लोग आने लगते हैं। पहले भुनेश ऑर्थोडॉक्स दुकान थे. अब दुकान के बागडोर के बेटे का चयन से संभाल लिया गया है। चयन के भाई रोशन रोशन मोटरबाइक होटल कोर्सेज हैं, वे भी मौके पर मिलते हैं और काम करते हैं। चयन के हाथों में है ऐसा जादू जो पाव भाजी के जायके को याद करता है।
आस्थावान शिलालेखों में पुलाव की प्लेट शामिल है
आशापुरा फास्ट फूड की दुकान का चयन शंकर नगर चौपाटी में है, जहां शाम के समय मसाला पाव भाजी और पुलाव के लिए भीड़ उमड़ती है। दिलचस्प ये भी है कि शहर में जहां भी पावभाजी की स्टॉल है वहां आप कहीं भी पावभाजी खा सकते हैं। लेकिन आशापुरा फास्ट फूड का फेमस मसाला पावभाजी ओर पुलाव का आपको पूरे दिन इंतजार ही रहेगा। शाम 4 अपराह्न से रात 10 अपराह्न तक काफी दूर-दराज से सैकड़ों लोग आते हैं। यहां आपको पाव भाजी मिलेगी 70 रुबरु से लेकर 100 रुपए तक प्रति प्लेट। वहीं वेले पुलाव 70 रुपये और पनीर पुलाव 100 रुपए प्रति प्लेट मिल जाएगा. पाव भाजी और पुलाव की शाम में ही 100 से 200 लोग रोजाना खाने आते हैं जिससे यह होता है 10 से 12 लाख रुपये सालाना कमाते हैं.
.
पहले प्रकाशित : 21 सितंबर, 2023, 18:26 IST
