चौधरी कुमार झाल/लखीराशन. बिहार के कुणाल से निकला हांडी मटन के स्वाद का पूरा देश दीवाना है। पौराणिक हांडी मटन बिहार से देश और दुनिया में छा गया। मीनाक्षी हांडी मट्टन की महक लक्ष्मी रेस्तरां में भी लोग अपनी ओर खींचते हैं। मिट्टी की गैलरी में स्टूडियो की आंच पर हांडी मटन जब भी तैयार होती है तो लोग खुद को खाने से नहीं रोकते।
हांडी मट्टन बनाने की विधि भी अलहदा है और स्वाद भी बेहद लज़ीज़ होता है। अगर आप भी लाखी साइंट में चमत्कारी हांडी मट्टन का स्वाद लेते हैं तो शहर के जमुई मोड़ के पास आना होगा। पिछले 6 साल से मशहूर हांडी मटन के लोग एक ही अंदाज में बने हुए हैं। यहां रोजाना मटन के शौकीनों का जमघट लगता है।
मटन के शौकीनों का है शानदार फूड डेस्टिनेशन
रिवोल्यूशनरी रियल एस्टेट हाउस के मालिक आकृति कुमार ने बताया कि पिछले 6 साल से लोग शानदार हांडी मटन खेल रहे हैं। हांडी मट्टन को बनाने के लिए पश्चिम चंपारण यानि बेतिया से कुछ खास कारीगरों को बनाना चाहते हैं। लाकी असांटे के लोगों को शोरगुल का प्रसिद्ध हांडी मटन खूब भा रहा है। इस मटन को बनाने की बात करें तो इस मटन के सुगंध का तो कोई जोर ही नहीं है। यहां मटन बनाने की विधि ही कुछ और है। आर्टिस्टिक स्टूडियो ने बताया कि मटन को हाथ में स्थित गैलरी के स्टॉक स्टॉक हैं। बता दें कि यह दुकान सुबह 11 बजे से देर शाम तक खुलती है। इस दुकान पर रात तक लोगों की भीड़ उमड़ेगी।
20 किलो मटन की है रोज़मर्रा की मंजिलें
मूर्ति कुमार ने बताया कि यहां हर दिन 20 केजी मटन की बिक्री होती है। जिसमें 15 किलो आहुना मट्टन और 5 किलो मट्टन इस्टू की बिक्री होती है। अगर अहुना मटन की करें तो चार पीस मटन और बात करें तो आपको 220 रुपये में खाने को मिलेगा। जहां पर आप 200 रुपये में चार पीस खरीद सकते हैं। वहीं अगर आप 1 केजी मट्टन लेते हैं तो आपको 1000 रुपए लगेंगे। वहीं इस दुकान का सालाना टर्नओवर 40 लाख से ज्यादा है। जमुई से आए ग्राहक रूपेश कुमार ने बताया कि जब भी राखी लेकर आते हैं तो यहां के मटन का स्वाद नहीं लेना भूलते।
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पहले प्रकाशित : 22 सितंबर, 2023, 10:31 IST
