कथाल. हरियाणा रोडवेज के डॉक्यूमेंट्री में ई-टिकटिंग की सुविधा शुरू हो गई है। इन कंपनियों में सबसे ज्यादा नेटवर्क समस्याएँ बन रही हैं, जिनमें टिकट काटने वाले संबंधित कई तरह की संस्थाएँ शामिल हैं। मशीनों को मरम्मत के लिए डिपो में जमा किया जाता है, फिर से मैनुअल टिकटें कटनी पड़ रही हैं।
कैथल रेलवे डिपो में कुल 134 ई-टिकटिंग डिपो थे। शुरुआत में सभी ठीकठाक चले, इसके बाद कभी 2 तो कभी 5 सोसाइटी में फोटो आ गए। अब तक 20 बजे तक खराब हो चुके हैं। किसी में टिकट कटना बंद हो रहा है तो किसी में नेटवर्क नहीं होने की समस्या है, जिससे बीच रास्ते में ही टिकटें कटना बंद हो रही हैं। इससे यात्रियों को भी परेशानी होती है और रेस्तरां को भी। अब इन सोसायटी को ठीक करने के लिए चंडीगढ़ भेजा गया है। अब तक ठीक नहीं हैं. नाम न अंकित करते हुए कुछ प्रतिष्ठानों ने बताया कि यह मशीन हमारे लिए परेशानी बन गई है। टिकट काटने वालों में कई तरह की परेशानियाँ होती हैं।
बार कोड स्कैन नहीं होते और न ही एटीएम कार्ड स्वैप होते हैं। संस्था में हाईटेक सुविधाएं तो दी गई हैं, लेकिन उनका लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि इस ई-टिकटिंग मशीन में बार कोड स्कैन कर ट्रांज़ेक्शन करने से लेकर एटीएम और डेबिट कार्ड धारक कर टिकटों में भुगतान करने का आवंटन किया गया था, लेकिन दोनों में से कोई भी सफल नहीं हुआ। ना तो सोसाइटी में बार कोड स्कैन कर बैलेंस होता है और ना ही एटीएम कार्ड स्वैप होते हैं।
जब इस विषय में परिचालक राजवीर, राजेश व मनोज मशीन इश्यू एसोसिएट्स मनोज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मशीन में कई तरह की खामियां आ रही हैं जो इस प्रकार हैं। नेटवर्क फ़ेलियर सबसे बड़ी और अहम समस्या है। बस रहने का समय बीच रास्ते में मशीन नेटक्कन छोड़ दिया जाता है, जिससे पूरा काम प्रभावित होता है।
हॉस्टल स्टेशन पर किसी और की टिकटें नहीं हैं, जिससे कई बार सवारियों के साथ भी झगड़ा होता है। कई बार टिकटें पासपोर्ट समय प्रिंट फ़ेल का साइन स्क्रीन पर आता है। जब बाद में चेक किया गया तो बकाया पैसा स्टॉक के खातों में से कटे रहते हैं। इसी तरह के मसालों को खुद उन औषधियों का संग्रह बनाना है। यात्री कोफ़िल्म टिकटें निकाली गई हैं। सूची में आरक्षण की कोई समस्या नहीं है और अभिलेख होने की स्थिति को पूरे दिन समाप्त नहीं किया जा सकता है।
हरियाणा रोडवेज के कुछ अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हां, स्कूल में मजा आ रहा है। चूँकि नई-नई प्रक्रिया है तो थोड़ा समय लगता है लेकिन जो भी समस्याएँ हैं, उनकी सुविधा के लिए या फिर समस्या के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाता है।
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पहले प्रकाशित : 22 सितंबर, 2023, 13:46 IST
