कोलकाता: पार्टी कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता कुणाल घोष ने शुक्रवार को कहा कि कोलकाता हाई कोर्ट के जज अभिजीत गंगोपाध्याय को जज के पद से इस्तीफा देना चाहिए और राजनीति में शामिल होना चाहिए। असल, सिद्धार्थ गंगोपाध्याय, कोविड टॉक्सिक पर एक केस की सुनवाई कर रहे थे। समीक्षा के दौरान अभिजीत ने बिना किसी का नाम लिए कहा, ‘एक भाईपो है, जिसके पास करीब 1 करोड़ रुपये का 4 मकान है।’ किसान गंगोपाध्याय ने फिर सवाल किया कि इतना पैसा कहां से आया?
कुणाल घोष ने ट्वीट कर जज अभिजीत गंगोपाध्याय की टिप्पणी पर कमेंट किया। क्लासिक कांग्रेस के प्रवक्ता ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट किया, ‘क्या जज की कुर्सी से भी कुछ ऐसा कहा जा सकता है?’ उस कुर्सी से राजनीति टिप्पणी क्या हो सकती है? क्या नौकरी की मदद की जा सकती है? क्या किसी पुरातात्विक के लिए मार्केटिंग के तरीकों से कार्य जारी रखा जा सकता है? क्या किसी रहस्यमयी ढाँचे का इस्तेमाल अफ़ेडिक बीमारी के लिए किया जा सकता है? वह (कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय) ने इस्तीफा दे दिया और राजनीति में शामिल हो गए।’
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ठीक है, मुझे एक अच्छा विचार प्राप्त हुआ।– कुणाल घोष (@KunalGhoshAgain) 22 सितंबर 2023
कुणाल घोष ने आगे कहा, ‘बदहाली के दौरान जज अभिजीत गंगोपाध्याय ने बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के बेटे चंदन बसु के बारे में बहुत कुछ सुना। जब उन्होंने भाइपो टिप्पणी की तो उन्होंने चंदन बसु के बारे में क्या ज़िक्र किया था? और, अगर उनका काम किसी और से है, तो उन्हें जज की कुर्सी से राजनीति में उतरना चाहिए। यह ‘नील’ को कुछ ज्यादा ही आगे ले जा रहा है।’ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बस्तर में भतीजा को भाइपो कहा जाता है। भाजपा और बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थक अभिषेक बनर्जी को भाइपो के नारे ही उन पर भारी पड़े हैं।
कलिकेट रिक्वायरमेंट के मराठा अभिजीत गंगोपाध्याय की शुक्रवार को कोविड-19 से जुड़ी एक केस की सुनवाई कर रही थी। परगना के नलबरा प्राइमरी स्कूल के शिक्षक विभूति कुमार की 1 अगस्त, 2020 को कोविड संक्रमण से मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद उनकी जगह दिवंगत नारायण कोटे से नौकरी नहीं मिलने पर विभूति कुमार की पत्नी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसी मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस गंगोपाध्याय ने बिना नाम के भाइपो को फोमेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एसोसिएट के लिए पेश किया। अब इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 28 सितंबर बताई गई है।
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टैग: कलकत्ता उच्च न्यायालय, टीएमसी नेता
पहले प्रकाशित : 23 सितंबर, 2023, 10:36 IST
