थायराइड में नींद लाने वाले खाद्य पदार्थ: नींद लाने की समस्या से बहुत से लोग प्रभावित हो जाते हैं। थायराइड (थायराइड) एक ग्रंथि है, जो आकार में वसा जैसी होती है और ये ग्रंथि के टुकड़ों में स्थित होती है। इसका मुख्य काम T3 और T4 हार्मोन का निर्माण करना है। बाल झड़ने पर कई लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे कि अनियमित होना, वजन बढ़ना या घटना, अधिक हार्मोन बनना, मोटापा, बालों का झड़ना, थकान आदि। कुछ लोगों में नींद न आने की समस्या भी देखी जाती है। अगर आपको भी रातों में गहरी नींद नहीं आती है तो वैट्रिशनिस्ट लवनीट बत्रा के इन खाद्य पदार्थों का सेवन जरूर करें। ये अनोखे फ्रेंडली फ़्रेंड्स हैं, जो इसके पार्ट को कंट्रोल करते हैं।
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चेरी- आपके आइटम में यदि चेरी शामिल नहीं है तो आप इसका सेवन करना शुरू कर दें। विशेष रूप से, वे लोग, जिनमें अनदेखी के कारण रात में थकान महसुस होती है और गहरी नींद नहीं आती है। चेरी में चार तरह के ऐसे कंपाउंड होते हैं, जो नींद को नियंत्रित करते हैं। ट्रिप्टोफैन, पोटेशियम, सेरोटोनिन और मेलाटोनिन ये सभी पाउंड कंप नींद को बढ़ावा देते हैं। छवि: कैनवा
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सफेद चना- काबुली चना या सफेद छोले तो आप कभी-कभी मांगते होंगे, लेकिन आपको नींद का कारण नींद नहीं आती है तो आप इसकी सामग्री का हिस्सा जरूर बनें। काबुली चीनी में विटामिन बी6 प्रचुर मात्रा में होता है, जो मेलाटोनिन हार्मोन के निर्माण के लिए जरूरी होता है। इन हार्मोन्स एलिमेंट के पैटर्न को नियंत्रित किया जाता है। ऐसे में सफेद चने के सेवन से आपकी नींद ना आने की समस्या दूर हो सकती है। छवि: कैनवा
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ओट्स- कुछ लोग ओट्स का सेवन रिकॉर्ड करते हैं। अगर आपने खरीदा है तो आप भी ओट्स का सेवन जरूर करें। कई बार इस बीमारी में कुछ लोगों की स्लीपर स्लीप खराब हो जाती है। उन्हें रात में अच्छी नींद नहीं आती। ओट्स में स्लीप को बढ़ावा देने वाला हार्मोन मेलाटोनिन होता है, साथ में विटामिन बी6 भी होता है। ये दोनों ही नींद न आने से जुड़ी समस्या को दूर करते हैं। छवि: कैनवा
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कद्दू के बीज- कद्दू के बीज स्वास्थ्य के लिए रामबाण से कम नहीं है. इसमें कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखते हैं। कद्दू के बीज का सेवन अगर आपको नींद की समस्या हो रही है तो जरूर करें। असल में, इन मसालों में मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन होता है। साथ ही इन मूर्तियों में स्ट्रेस, अंजयति को कम करने के भी गुण मौजूद होते हैं। कद्दू के टुकड़े के सेवन से नींद अच्छी हो सकती है। छवि: कैनवा
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अश्वगंधा- अश्वगंधा को T3 पर बिना T4 स्तर के लगाए गए किसी भी प्रभाव को बढ़ाने में सक्षम पाया गया है। अश्वगंधा का सेवन स्तनपान के दौरान सुरक्षित है, लेकिन गर्भावस्था में इसका सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। अश्वगंधा एक एडॉप्टोजन है जो शरीर को तनावमुक्त करने में मदद करता है, जिससे हार्मोन का स्तर बेहतर संतुलन में रहता है। एडॉप्टोजन कोर्टिसोल को कम करने और टी4 के स्तर को आगे बढ़ाने में मदद करने में मदद मिलती है। छवि: कैनवा
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कैमोमाइल- कैमोमाइल हार्ट न्यूट्रिशन इंसाना की समस्या को दूर करने के लिए सर्वोत्तम पारंपरिक उपचार है। एपिजेनिन नामक फ्लेवोनोएड स्टेरॉयड कैमोमाइल नींद लाने वाले पोषक तत्वों के लिए जिम्मेदार होते हैं। एपिजेनिन गाबा ए रिकॉर्ड्स को सक्रिय करता है। यह एक प्रक्रिया है, जिससे आपको नींद आने में मदद मिलती है। ऐसे में आप कैमोमाइल टी का सेवन कर सकते हैं। इससे रात में अच्छी नींद आएगी। छवि: कैनवा
