मो. सरफराज आलम/सहरसा. बिहार के सीमावर्ती जिलों में ऐसे कई छात्र हैं, जिनमें अच्छी मिसाल पढ़ाई करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है। हालांकि ऐसे युवा सुपरस्टार हारेन के जन्मदिन पूरी तरह से आगे बढ़ रहे हैं और अपना खुद का बिजनेस भी शुरू कर रहे हैं। उन्हें सफलता भी मिल रही है। इसके साथ-साथ कई हिमाचल प्रदेश के छात्र भी अपने बिजनेस में शामिल हो रहे हैं। ऐसी ही कहानी है ये रिटेल कुमार की. बीटेक करने के बाद जब अच्छी नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने खुद का लघु उद्योग खोल लिया। आज वह अपने उद्योग में 5 युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।
फिलिस्तीन जिले के सिमरी बख्तियारपुर क्षेत्र के सलखुआ क्षेत्र के गोरदा जिले में रहने वाले रिद्येष कुमार को बीटेक करने के बाद भी अच्छी नौकरी नहीं मिली। हालाँकि रिट्रीट ने मेडिकल के क्षेत्र में भी कुछ समय बिताया, लेकिन सेक्टर में सफलता नहीं मिली। इसी दौरान उन्हें दोना पत्तल के बारे में जानकारी मिली। आज इस लघु उद्योग से वे अपना कारोबार फैला रहे हैं। साथ ही अन्य युवाओं को भी काम दे रहे हैं।
यूट्यूब से आया डॉक्टर
रिश्तो ने बताया कि इस उद्योग का प्लान उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर बनाया था। यूट्यूब पर उन्होंने इस उद्योग के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने उद्योग स्थापित किया और वह आज पूरी तरह से सफल हैं। साथ ही बताया कि उनके यहां कई तरह के पत्तल तैयार होते हैं और वह आसपास के बाजारों में घूमते हैं। इसके साथ-साथ बिहार के अन्य आश्रुमंडल में भी स्नातक किये जाते हैं। उनका कहना है कि वह हर महीने करीब 65000 रुपये कमाते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस इंडस्ट्री को शुरू हुए करीब 1 साल हो गया है. सब ठीक चल रहा है.
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पहले प्रकाशित : 25 सितंबर, 2023, 09:35 IST
