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क्या नौकरी पेशा लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा है? कब बढ़ सकता है बीपी, डॉक्टर से जांचें सारी बात


उत्तर

हर 4 वयस्‍क में से एक हाई ब्‍लड डिस्‍वाइस से स्कॉच चल रहा है लेकिन उनमें से अधिकांश को यह भी पता नहीं है कि उनका बीपी हाई है।
वर्क्स पूरी तरह से लाइफस्टाइल और खान-पान से संबंधित है

क्या वेतन वर्ग को शुगर होने का खतरा अधिक है: भारत में तेजी से वर्कआउट और हाई ब्लडप्रेशर का शिकार होना लगा है। यूके की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 30 फीसदी लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं, जबकि 8 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं। स्टॉक ने भविष्यवाणी की है कि अगर स्टॉक एक्सचेंज जारी रहेगा तो इंडिया कैपिटल ऑफ बिजनेस बन जाएगा। विशेषज्ञ की बात ये है कि देश में 18.83 करोड़ लोग हाइपरटेंशन यानी हाई बीपी के शिकार हैं. इस तरह हर 4 एडल्ट में से एक हाई ब्लड लैब से निकल रहा है लेकिन उनमें से ज्यादातर को भी पता नहीं है कि उनका हाई बीपी है। हाई बीपी और सहकर्मी कई मामलों में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए अक्सर ऐसा होता है कि उसे हाई ब्लड फेल्योर भी हो जाता है। जो लोग नौकरी पेशा हैं, उनमें कामगार और हाई ब्लड डिसऑर्डर का खतरा सबसे ज्यादा है। यही बात हमने मैक्स स्केटर्स में डायबिटिक डॉ. पारस अग्रवाल से प्रश्न.

परिजनों को है ज्यादा खतरा

डॉ. पारस अग्रवाल ने बताया कि उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर के लिए मुख्य रूप से खराब जीवनशैली जिम्मेदार है। हालाँकि अब तक यह बात सामने नहीं आई है कि नौकरी पेशा लोगों का सीपियों और हाई ब्लड डाउन होना बड़ा ख़तरा है। जो लोग नियमित रूप से इलाइची एक्टिविटी में कम नमक और अनहेल्दी भोजन खाएंगे, ज्यादातर तनाव या अवसाद में रहेंगे, उन लोगों को शराब और उच्च रक्तचाप का खतरा रहेगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नौकरीपेशा वाले सभी लोगों को काम पर रखा जाएगा और हाई ब्लड डिसऑर्डर का खतरा सबसे ज्यादा रहेगा। डॉ. पारस अग्रवाल ने बताया कि वर्कआउट पूरी तरह से लाइफस्टाइल और खान-पान से संबंधित है और उसकी लाइफस्टाइल और खान-पान सही नहीं है, उसे वर्कआउट और हाई ब्लड डिसऑर्डर का खतरा निश्चित रूप से ज्यादातर रहेगा।

नौकरी-पेशा वाले लोग इस तरह की नौकरीपेशा और उच्च रक्तचाप से वंचित

वर्क्स और हाई ब्लड वर्कपीस दोनों लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारियाँ हैं। इसलिए लाइफस्टाइल और खान-पान सही करने से ही ये विकार, आकर्षण या जोखिम कम होगा। इसलिए अगर आप नौकरीपेशा लोग हैं तो सबसे पहले अपना खान-पान और लाइफस्टाइल सही करें। इसके लिए जल्दी सोना, जल्दी उठना और नियमित समय पर रोज़मर्रा की खरीदारी और गतिशीलता सक्रियता बनाए रखना। वॉकिंग, साइक्लिंग, फ़्लोरिडा, रनिंग लाइफ़स्टाइल से संबंधित रिलेटेड से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। इसके साथ ही सीजनल ग्रीन असिस्ट, लाइक्स आदि का नियमित सेवन करें। सीता-शराब से दूर रहो. तनाव न लें. रात में पर्याप्त नींद लें. ऑफिस में वीडियो का प्रयोग करें. कुर्सी से हर जगह या एक घंटे में छोटी सी सैर करें। कुर्सी पर काम करते हुए भी कुछ चीजें कर सकते हैं. इसके लिए गैजेट की सलाह ले सकते हैं।

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