Homeदुनियाबड़ा खुलासा! सुक्खा के साथ खालिस्तानी आतंकवादी अर्शदल को भी आतंकवादी...

बड़ा खुलासा! सुक्खा के साथ खालिस्तानी आतंकवादी अर्शदल को भी आतंकवादी बनाने की इच्छा थी, निज्जर के साथ काम करना था


उत्तर

अर्श का दाहिना हाथ सुखदूल कनाडा के एक पॉश इलाके में रहता था।
इसी कोठी में 20 सितंबर को सुखदूल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
नकाबपोश तीन बहनों ने सुखदूल पर ड्रिल की थी।

नई दिल्ली: कालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा का रिश्ता बेपटरी हो गया है। दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस बीच खबर है कि दोस्त अर्शदल का हाथ सुखदूल (सुखदूल सिंह) नी सुखा कनाडा के पॉश इलाके में रहता था। जिस फ्लैट में उनकी वही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हालाँकि ड्रमर के रेसिस्टेंट पर अर्श भी डाला गया था।

बता दें कि यह फ्लैट कनाडा के विनिपेग शहर में है, जहां नरसंहार को अंजाम दिया गया था। दस्तावेज़ के अनुसार अर्श भी इस फ्लैट में रहता था, लेकिन कुछ दिन पहले यहां से चला गया था। वारंटियों के अनुसार नकाबपोश तीन हमलावरों ने सुखदूल पर मोर्टार मोर्टार की थी। आक्रमण विशाल में कि कोठी की दीवारों में छेद डाला गया था।

पढ़ें- पहले खालिस्तानी… अब नाजी सैनिकों को सम्मान, बुरी तरह से जस्टिन ट्रूडो, सिंगर को मांगी पदमार्च

अर्श ने कनाडा में ही वर्तमान डाला
सुक्खा को यह फ़्लैट खालिस्तानी स्मारक और स्मारक स्मारकों की सूची में नंबर वन वांटेड अर्शडाल ने दिलवाया था। जिसका कल सबसे पहला खुलासा News18 ने किया था. दस्तावेज़ के अनुसार हमालवारों की स्थिरता पर अर्श भी डाला गया था, लेकिन वह उस समय फ्लैट में नहीं था। अध्ययन के अनुसार इस प्रयोगशाला काम्प्लेक्स के फ्लैट नंबर 230 में सुक्खा रहता था। यहां सुक्खा से मुलाकात के दौरान कई लोग गोवा में बने थे, वो लोग कौन थे ये एक राज है। अर्श इंक्लूडेड कनाडा में ही मौजूद है और अन्य खुफिया एजेंसी के फाउंडेशन पर काम चल रहा है।

साथ हुआ अर्श डाला तो शायद बच ही सका सुक्खा
कनाडा में डाला और सुक्खा लंबे समय से साथ रह रहे थे। लेकिन सुखा लैपटॉप की लता के साथ बंबीहा और प्रो कालस्टीन आतंकवादी संगठन में अपना योगदान पूरा नहीं दे पा रहा था। इस बात में शामिल थे और गैंग के गुर्गे नाखुश थे. सुक्खा की मौत के कुछ दिन पहले अर्श डाला और सुक्खा के बीच काफी बुरी भी हुई थी। टैब में सुक्खा को अपनी एक कोठरी के बेसमेंट में रहने को दिया गया था।

यानि अब डाला ने सुक्खा से अलग चाहत शुरू कर दी थी। तभी गोल्डी और जग्गू तक ये सलाह दी जाती है और बा काया सुक्खा की रेकी की जाती है। फिर उसे निवेशित किया जाता है. क्योंकि विरोधी गिरोह को यह पता चला है कि अब सुक्खा ने भारी सुरक्षा के साथ बीच में कुछ नहीं डाला है और उसे दिया जा सकता है। यही वजह है कि जब सुक्खा की हत्या हुई तो उसके साथ कोई सुरक्षा घेरा नहीं था। सुरक्षा पुख्ता जानकारी को यह पुख्ता जानकारी हाथ लगी है।

टैग: कनाडा, खालिस्तानी आतंकवादी



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img