
यूएन जनरल असेंबली में बोले जयशंकर
संयुक्त राष्ट्र में जयशंकर: संयुक्त राष्ट्र महासभा में जयशंकर ने अपनी तस्वीर में कहा कि भारत अपना प्रतिष्ठान छोड़ चुका है। उन्होंने कहा कि दुनिया को उजागर करने के दौर का सामना करना पड़ रहा है। भारत ने जी20 का सफल आयोजन और ग्लोबल साउथ की आवाज बनाई। भारत अपने लेबल को सूचीबद्ध करता है। डिप्लोमे और टेक्नोलॉजी से हर समस्या का समाधान संभव है।
अफ़्रीकन यूनियन को भारत की वजह से जी20 में मिली जगह: जयशंकर
यूएनजीए में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, ”भारत की पहल की वजह से जी-20 में अफ़्रीकी यूनियन को एसोसिएट्स ऑर्गेनाइज़ेशन मिला है। ऐसा करके हमने पूरे महाद्वीप को एक आवाज़ दी है, जिसका काफ़ी समय से हक़ हो रहा है। पुराने संगठन को भी सुरक्षा परिषद को सामासिक निर्माण के लिए प्रेरित करना चाहिए।”
वे दिन गए, जब चंद देश तय करते थे राज्य: जयशंकर
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने दावे में जयशंकर ने आगे कहा कि “ऐसे समय में जब पूर्व-पश्चिम ध्रुवीकरण की गति इतनी है और उत्तर-दक्षिणी विभाजन इतना गहरा है, नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में भी इस बात की पुष्टि होती है कि नामांकन और संवाद ही एकमात्र प्रभावी समाधान हैं। वे दिन खाली हो गए हैं जब कुछ देशों में मंदी तय हो गई थी और शेयरों से उनकी धीमी गति की उम्मीद थी।” जयशंकर ऐसे समय अपना बयान दे रहे हैं जब खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के खेमे ने भारत सरकार के विरोध में बयान दिया था। वहीं कनाडा की कंट्रोवर्सी के बीच पाकिस्तान ने भी अनर्गल बोला में भारत की एजेंसी ‘रॉ’ के लिए मकाऊ का फ़ायदा उठाया। इन सभी दस्तावेज़ों में भारत का पक्ष रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा एक बड़ा मंच है।
