उत्तर
एंजाइटी, मोटापा, नर्वसनेस, नींद में परेशानी, वजन में कमी या बढ़ना, गले के पास सूज आदि जाना के लक्षण हैं।
महिलाओं में विकार विकार हो जाए तो यह बचपन पार करते ही दुख लगता है।
महिलाओं में थायराइड के लक्षण: थायरायड एक ऐसा हार्मोन है जो शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करता है। थायरायड फ़ायोन के आकार की मोती के पास एक ग्रंथ है जिसमें नारियल का राक्षस शामिल है। इस हार्मोन का अधिकतर हिस्सा भी बुरा है और कम भी कम होना घातक है। हमारे शरीर में एनर्जी के खर्च का संतुलन बना हुआ है। यह सांसारिक दृष्टि को नियंत्रित करने में भी अपनी भूमिका निभाता है। थायरॉयड हार्मोन कम हो तो शरीर में कई तरह के फीचर स्लो हो जाते हैं। घटिया हार्मोन में सैटिनियों के कारण ज्वाइंट पेन, ड्रिप स्कीन्स, बाल में बाल्टिन पेन, वैल्युएट होम्स, फर्टिलिटी की समस्या, हार्ट रेट का धीमा जाना हो, अवसाद जैसी चिंता से जुड़ा हुआ है। घटिया हार्मोन महिला और पुरुष दोनों में कम-ज्यादा हो सकता है लेकिन जब भी जहर की साटिया महिलाओं में होती है तो उसे ज्यादा दुख मिलता है। आइए जानते हैं कि गंदगी के कारण महिलाओं में क्या-क्या परेशानियां बढ़ती हैं और उनका क्या इलाज होता है।
जहर के कारण महिलाओं में होने वाली परेशानियां
बचपन पार करना ही शुरू करते हैं-जॉन हॉपकिंस मेडिकल के अनुसार महिलाओं में विकार विकार हो जाए तो यह बचपन पार करते ही दुख लगता है। सबसे पहले अनिद्रा विकार का कारण युवावस्था में जल्दी या देर से हो सकता है। इससे देरी या तो देर से शुरू होती है या बहुत जल्दी शुरू होती है। वहीं अन्यत्र के कारण स्टार्टअप और हैवी ब्लीडिंग भी हो सकती है या लॉक भी हो सकता है।
निर्माण क्षमता पर प्रभावकारी-थायराइड में गड़बड़ी के कारण महिलाओं में अंडाणु के निषेचन में गड़बड़ी होती है। इससे अंडोत्सर्ग नहीं हो पाता है। वहीं ओवरसीज में साइंटिस्ट इंडस्ट्री की शुरुआत होती दिख रही है। बहुत अधिक अव्यवस्था की गड़बड़ी का कारण दूध प्रतीत होता है।
चुनौती में चुनौती-थायराइड की समस्या से महिलाओं को परेशानी होती है। अगर भर्ती भी होती है तो गर्भ में पल रहे बच्चे को परेशानी होती है। वहीं बच्चे के जन्म के बाद मां को परेशानी भी शुरू हो सकती है। इस विकार के कारण मिसकैरिज, समय से पहले गर्भपात, प्रसवोत्तर रक्तस्राव का भी खतरा रहता है।
रजोनिवृत्ति की समय समस्या-थायरॉयड विकार होने पर रजोनिवृत्ति 40 वर्ष से भी पहले होने लगती है। इससे हॉट फ्लेशेज की समस्या बढ़ती है। इससे नींद नहीं आती और मूड खराब हो जाता है।
जहर के लक्षण
एंजाइटी, कमजोरी, नर्वसनेस, नींद में परेशानी, वजन में कमी या मोटापा, गले के पास सूजन या कमजोरी, मांसपेशियों में कमजोरी या कंपासी, समृद्ध होटल या उद्यम का रुक जाना, ज्यादा तापमान को सहन नहीं करना, देखने में परेशानी या चिड़चिड़ापन, थकान, हैवी होटल्स, रूखे बाल, आवाज में भारीपन, ज्यादा ठंडा को नहीं सह पाना आदि जैसे लक्षण हैं।
इन सबसे बचने का क्या है उपाय
उत्पाद से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले वजन कम करना चाहिए या बढ़ना नहीं चाहिए। इसके साथ ही सीताफल, शराब, सोडा, रेस्तरां, फास्ट फूड, अधिक मीठा आदि नहीं खाना। वहीं फूलगोभी, बंदागोभी, ब्रोकली की समस्या को और बढ़ावा मिला है। जहर से बचने के लिए तनाव नहीं लेना चाहिए। यदि तनाव है तो योग, इसमें ध्यान सहायक सिद्ध होगा। वहीं रोजमर्रा की वस्तुओं और सुपरमार्केट से भी निकलने का रास्ता है।
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पहले प्रकाशित : 28 सितंबर, 2023, 06:40 IST
