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नमक कर रहा हूँ बीमार, भोजन में कितनी है मात्रा? इन पांच ‘पी’ से कर लें तौबा, डॉ. कालरा की सलाह


नमक का सेवन कम करने के उपाय: को लेकर हाल ही में आई आईसीएमआर-एनसीडी तूफान की आईसीएमआर ने हलचल मचा दी है। इस मार्टडी के अनुसार भारतीय लोग रोजमर्रा की जिंदगी में डबल पुतले द्वारा तय किए गए एमएमार्टेंडर्ड से भी अंतिम नाम खा रहे हैं जो मोटा हो सकते हैं। नमक की वजह से हाइपरटेंशन और हाइपरटेंशन की मात्रा बढ़ सकती है। वैद्य का कहना है कि सामान खरीदने वाले को प्रतिदिन ज्यादातर 5 ग्राम नमक खाना चाहिए, जबकि भारत में 8 ग्राम नमक खाना जा रहा है। वहीं गैप से ग्रासट लोग तो प्रतिदिन 9 ग्राम से भी ज्यादा नमक खा रहे हैं, जो काफी खतरनाक है. ऐसे में अगर आप वोट चाहते हैं तो नमक की मात्रा को कम करना बेहद जरूरी है।

अब सवाल है कि भोजन में नमक की मात्रा कैसे कम की जाए, ताकि पोषक तत्व भी बने रहें और स्वास्थ्य भी। तो इसके लिए आपको प्रयोगशाला में काम नहीं करना होगा। बस कुछ ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो आपके लिए न तो बेहद जरूरी हैं और न ही उनके सुबह-शाम के भोजन से कोई विशेष तालुक है। इनमे ठीक है आप भी सबसे अच्छा ग्रेड वाला खाना खा सकते हैं और व्हीलचेयर पर रह सकते हैं।

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एंड्रॉक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के पूर्व अधोगम्यक्ष और जाने-माने एंडोक्राइनोलोजी आश्रम डॉ. संजय कालरा यहां आपको खाने में नमक कम करने के तरीके बता रहे हैं।

इन पांच ‘पी’ से कर लें तौबा
डॉ. कालरा का कहना है कि रोजाना सोल डाईटेक इंटेक कम करना है तो सिर्फ सब्जी, दाल या आटे में कम नमक से काम नहीं चलता। टेबल सॉल फ़्लोरिडा यानी कि नमक की मात्रा वाले नमक की जगह रॉक सॉल फ़्लोरिडा खाना भी सिर्फ एक उपाय नहीं है, बल्कि इसके लिए सबसे ज़्यादा नमक की मात्रा वाली इन पांच पी को ज़रूरी है। इनमें से हमारे शरीर में नमक की मात्रा अलग-अलग होती है। ये पांच ‘पी’ हैं…

1. पिकल अर्थात आचार्य
2. पापड़
3. पकोड़ा
4. पैटेटो चिप मोर्टार
5. पिज्जा
तीन ‘क’ भी करें अवॉइड तो और बेहतर
पाँच ‘पी’ के अलावा तीन ‘के’ भी ऐसी चीज़ें हैं जो सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। इनमें से दो पदार्थ हैं और एक पदार्थ है। ऐसा नहीं है कि इन प्लेटों में नमक होता है लेकिन जब ये चीजें बनती हैं तो ये सूखा तेल और खींचा हुआ होता है। आधार इनहें लागू होगा.

1. कटहल की सब्जी
2. करेले की सब्जी
3. कैचअप, अन्यत्र

सबसे बड़ी साहित्यिक आवश्यकता है
डॉ. कालरा का कहना है कि भोजन में नमक की मात्रा के लिए नमक की मात्रा भी जरूरी है। इसका मतलब है कि जब भी कोई पैकेट बंद चीज खरीद रहे हों तो उसमें मौजूद पदार्थ की मात्रा जरूर देख लें, जिससे आपको वह रसायन बना रहेगा, जिसमें आप कितना नमक खा रहे हैं।

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